मंत्रिपरिषद की बैठक में सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल को लेकर मिली मंजूरी
पूर्णिया. पूर्णिया में यातयात व्यवस्था में न केवल सुधार होगा बल्कि निगरानी भी होगी. इस दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं. बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा पूर्णिया समेत सूबे के 6 नगर निगमों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल लगाने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी मिल गयी है. इन छह नगर निगमों में दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, गया, मुंगेर और छपरा शामिल है. इस योजना के लिए 487.05 करोड़ की राशि खर्च की जायेगी. इसकी जिम्मेदारी बेल्ट्रोन को दी गयी है. वहीं, परामर्श के लिए आइआइटी रूड़की को लगाया गया है. पूर्णिया नगर निगम के नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने बताया कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाये गये हैं. अभी भी शहर के भीड़-भाड़ क्षेत्रों में ऐसे कई जगह शेष रह गये हैं जहां सीसीटीवी और सिंग्नल लगना है. इसी को लेकर यहां से प्रस्ताव भेजा गया था जिसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गयी है. अब पूरे शहर में यातायात व्यवस्था सुदृढ होगी और आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी. उन्होने बताया कि शहरों में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक पर दवाब के लिहाज से ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित करना बेहद जरूरी है. सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल के सहारे यातायात पूरी तरह व्यवस्थित हो जायेगी.निगरानी रखने में मिलेगी मदद
शहर में आम नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण तैयार करने के लिए हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरा भी लगाये जायेंगे. इसके जरिये चोरी, लूट, छिनतई जैसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. साथ ही लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी लगाम लगेगा. सड़क दुर्घटना और बाइक चोरी की घटनाओं में भी कमी आयेगी. जानकारों ने बताया कि सीसीटीवी लगने के बाद कंट्रोल रूम की मदद से कई जानकारी ली जायेगी. शहर में कितनी गाड़ियां हर रोज गुजर रही हैं.इसमें दो चक्का वाहन और चार पहिया वाहनों की संख्या कितनी है.अलग-अलग समय में ट्रैफिक का दबाव भी देखा जाएगा. उस हिसाब से रणनीति बनायी जाएगी ताकि यातायात संचालन में सहूलियत हो.अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी रहेगी पैनी नजर
आने वाले कुछ ही दिनों में ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने वाले लोग किसी भी हालत में चकमा देने कामयाब नहीं होंगे. जल्द ही ट्रैफिक सिग्नल के पास रेडार युक्त कैमरे लगाये जायेगे जो वाहनों की स्पीड, ट्रैफिक नियमों के तोड़े जाने और गलत पार्किंग पर नजर रखेंगे. इन कैमरों की फुटेज कंट्रोल रूम में देखी जाएगी और इसके बाद रजिस्टर्ड अड्रेस पर चालान भेज दिया जाएगा. इन कैमरों में ऐसे सेंसर लगे होंगे जो एक साथ कई वाहनों पर नजर रख सकेंगे.नियमों को तोड़ने वाले वाहन के चालान पर समय, तारीख और लोकेशन भी दी जाएगी. अभी इस काम को पुलिस करती है जो कैमरे से वाहन की स्पीड पता करने के बाद उसे रोककर चालान काटती है.नगर विकास की पहल
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुरक्षित सुशासित शहर की परिकल्पना के साथ कार्य योजना तैयार की गयी है. इसके अंतर्गत नगर निकायों में वासित नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने तथा नागरिकों हेतु एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण तैयार करने के लिए अवांछित गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरा से किया जाना है तथा शहरों के यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु ट्रैफिक सिग्नल का अधिष्ठापन किया जाना है. इस परियोजना पर चार सौ सतासी करोड़ पांच लाख इक्यासी हजार रू खर्च किये जायेंगे. उक्त परियोजना के कार्यान्वित होने से पूरे शहर की एकीकृत निगरानी हो सकेगी तथा आम नागरिकों को भयमुक्त वातावरण प्राप्त हो सकेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
