पूर्णिया: धमदाहा के ग्रामीण बच्चों में विज्ञान की अलख जगा रहे शिक्षक संतोष कुमार; आदिवासी छात्र ने नापा जापान तक का सफर

पूर्णिया जिले के धमदाहा अनुमंडल में शिक्षक संतोष कुमार ग्रामीण बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि जगा रहे हैं. उनके प्रयासों से आदिवासी छात्र राजेश हांसदा जापान तक पहुंचे और अन्य छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं.

पूर्णिया जिले का धमदाहा अनुमंडल आज ग्रामीण प्रतिभाओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का एक उत्कृष्ट केंद्र बन चुका है. इसका पूरा श्रेय विज्ञान के समर्पित शिक्षक संतोष कुमार को जाता है, जो पिछले करीब दो दशकों से गांव के स्कूली बच्चों में विज्ञान के प्रति गहरी अभिरुचि पैदा कर रहे हैं. उनकी अथक मेहनत और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि सरकारी स्कूलों के सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के छात्र इंस्पायर मानक प्रतियोगिता, बाल विज्ञान कांग्रेस और विज्ञान संगोष्ठी जैसी ढेरों स्पर्धाओं में राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी मेधा का डंका बजा रहे हैं. आदिवासी समाज से आने वाले छात्र राजेश हांसदा का जापान तक का सफर इस इलाके की सबसे बड़ी प्रेरणादायी कहानी बन चुका है.

गांव की पगडंडियों से जापान और राष्ट्रीय मंचों तक का सफर

धमदाहा के ग्रामीण परिवेश के बच्चों ने विज्ञान के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक मुकाम हासिल किए हैं:

  • जापान में प्रतिभा का प्रदर्शन: शिक्षक संतोष कुमार के कुशल मार्गदर्शन में इसी इलाके के अनुसूचित जनजाति (ST) समाज से आने वाले होनहार छात्र राजेश हांसदा ने अपनी वैज्ञानिक सोच के दम पर जापान तक का सफर तय कर पूर्णिया का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन किया.
  • पूर्वी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय मंच: अब तक एक दर्जन होनहार छात्र-छात्राओं ने पूर्वी क्षेत्रीय विज्ञान मेला (कोलकाता) में जिले का परचम लहराया है. वहीं, दो बच्चों ने अपनी मेधा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर भोपाल और गुवाहाटी में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपना लोहा मनवाया है.

विज्ञान यात्रा और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण

प्रतिभागी स्तर (Level of Achievement)छात्रों की संख्या / सफलता का दायरा (Details)
अंतरराष्ट्रीय स्तर (International)छात्र राजेश हांसदा (जापान दौरा एवं विज्ञान प्रदर्शन)
राष्ट्रीय स्तर (National)2 छात्र (भोपाल और गुवाहाटी विज्ञान महोत्सव तक पहुंचे)
क्षेत्रीय स्तर (Zonal)लगभग 12 छात्र-छात्राएं (पूर्वी क्षेत्रीय विज्ञान मेला, कोलकाता)
राज्य स्तर (State)लगभग 6 दर्जन (72) बच्चों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में किया प्रतिनिधित्व
प्रमुख प्रतियोगिताएंइंस्पायर मानक, विज्ञान व गणित प्रदर्शनी, साइंस ड्रामा, बाल विज्ञान कांग्रेस

शिक्षक संतोष कुमार: नवाचार के भगीरथ और मिले सम्मान

बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें नवाचार (Innovation) से जोड़ने वाले शिक्षक संतोष कुमार को उनकी इस अप्रतिम सेवा के लिए कई प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है:

  • कोलकाता में मिला सम्मान: बाल वैज्ञानिकों को उत्कृष्ट मार्गदर्शन देने के लिए उन्हें बीआईटीएम (BITM), कोलकाता में 'बेस्ट गाइड टीचर-बेस्ट ऑफ प्रोजेक्ट' तथा 'स्टेट टॉपर' जैसे गरिमामयी सम्मान से नवाजा जा चुका है.
  • वैज्ञानिक चेतना का निरंतर अभियान: संतोष कुमार का यह अभियान आज भी जारी है. साइंस फॉर सोसाइटी और बाल विज्ञान कांग्रेस जैसी संस्थाओं के सहयोग से वे ग्रामीण बच्चों में सृजनात्मकता, जिज्ञासा और किशोरावस्था रोल प्ले जैसे आयोजनों के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण का बीजारोपण कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By अखिलेश चंद्रा

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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