Purnia Firing Case: पूर्णिया. डीआईजी चौक के समीप मोती महल होटल के पास हुई हवाई फायरिंग के मामले का पूर्णिया पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है. एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचकर प्रेसवार्ता की और पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मामले में छह अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य प्राथमिकी अभियुक्त रिशव कुमार सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.
आर्म्स एक्ट में दर्ज हुआ था मामला
डीआईजी चौक के पास अज्ञात अपराधियों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने के बाद केहाट थाना में कांड संख्या 219/26 दर्ज किया गया था. 20 अगस्त को आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देशन और सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिनव परासर के नेतृत्व में विशेष एसआईटी का गठन किया गया.
तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एसआईटी ने तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. पुलिस ने सबसे पहले घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के साथ आयुष कुमार को गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पुलिस ने घटना में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष कुमार, शुभम कुमार सिंह उर्फ छोटू, निखिल कुमार, शुभम आनंद, अमित सागर और रंजीत कुमार सिंह के रूप में हुई है.
मुख्य आरोपी रिमांड पर, स्मैक कारोबार से भी जुड़े होने की जांच
पुलिस के अनुसार मामले के मुख्य प्राथमिकी अभियुक्त रिशव कुमार सिंह ने 19 अगस्त को आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है. पुलिस अब हवाई फायरिंग की घटना में उसकी भूमिका के साथ-साथ कथित स्मैक कारोबार से जुड़े होने के आरोपों की भी जांच कर रही है.
पहली बार घटनास्थल पर कराया गया क्राइम सीन रीक्रिएट
पूर्णिया पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को डीआईजी चौक स्थित घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया. पुलिस ने आरोपियों से यह प्रदर्शित कराया कि घटना के समय मुख्य आरोपी और अन्य लोग किस स्थान पर मौजूद थे, फायरिंग किस तरह की गई और वारदात के बाद वे किस रास्ते से भागे.
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ भी जुट गई.
घटनास्थल से ही एसएसपी ने की प्रेसवार्ता
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने घटनास्थल पर ही मीडिया को संबोधित करते हुए मामले के खुलासे की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक देसी कट्टा, एक अपाची मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं.
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
Purnia Firing Case: पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. एसआईटी की कार्रवाई में केहाट थानाध्यक्ष पुनि रंजन कुमार ठाकुर, मधुबनी थानाध्यक्ष पुनि सुदीन राम, पुअनि मनीषचंद्र यादव, पुअनि पूनम कुमारी, पुअनि सन्नी कुमार, गुलाबबाग टीओपी के पुलिसकर्मी, परिपुअनि प्रीतम कुमार पांडेय, मुन्नी कुमारी एवं डीआईयू टीम पूर्णिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
