Purnia Protest Site: अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए पूर्णिया में धरना-प्रदर्शन करने वाले संगठनों के सामने अब एक अलग तरह की परेशानी खड़ी हो गयी है. शहर में धरना देने के लिए समय-समय पर जगह बदली गयी, लेकिन अब कोई ऐसा स्थायी और व्यवस्थित स्थान नहीं है, जहां सामाजिक संगठन और अन्य समूह अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे सकें.
इसी समस्या को लेकर बिहार किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और पूर्णिया शहर में स्थायी धरना स्थल उपलब्ध कराने की मांग की. संघ का कहना है कि जगह के अभाव में संगठनों के सामने अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से रखने को लेकर व्यावहारिक परेशानी पैदा हो रही है.
समाहरणालय से थाना चौक तक बदलता रहा स्थल
बिहार किसान मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पहले लोग अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय गेट के समीप धरना देते थे. इसके बाद प्रशासन की ओर से धरना स्थल को बदलकर एसडीओ गेट के समीप कर दिया गया.
कुछ वर्षों बाद वहां भी धरना देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गयी और आरएन साव चौक को धरना स्थल के रूप में निर्धारित किया गया. लेकिन सड़क चौड़ीकरण के कारण आरएन साव चौक पर उपलब्ध निर्धारित हिस्सा भी छोटा पड़ गया.
इसके बाद प्रशासन की ओर से थाना चौक को धरना स्थल के रूप में निर्धारित किया गया. अब वहां पार्क विकसित कर दिया गया है. ऐसे में धरना-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त जगह को लेकर संगठनों की समस्या एक बार फिर सामने आ गयी है.
हर बार बदला ठिकाना, अब स्थायी समाधान की मांग
संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि अलग-अलग समय में धरना स्थल बदलते रहने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. एक स्थान पर व्यवस्था खत्म होने के बाद दूसरे स्थान को निर्धारित किया गया, लेकिन बाद में वहां भी परिस्थितियां बदल गयीं.
शहर में जगह की कमी और सार्वजनिक स्थलों के दूसरे उपयोग के कारण अब संगठनों के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने की चुनौती है. किसान मजदूर संघ इसी वजह से प्रशासन से स्थायी धरना स्थल तय करने की मांग कर रहा है.
संघ ने डीएम से पूछा- मांग कहां रखें?
जिलाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने सवाल उठाया कि यदि शहर में धरना-प्रदर्शन के लिए कोई स्थायी और व्यवस्थित जगह ही नहीं होगी, तो आम लोग और सामाजिक संगठन अपनी मांगों को प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से कहां पहुंचायेंगे.
उन्होंने कहा कि धरना देकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना लोकतांत्रिक अधिकार है. संघ की मांग है कि प्रशासन इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शहर में एक स्थायी धरना स्थल का निर्माण कराये.
उनका कहना है कि यदि इसके लिए पहले से निर्धारित और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो, तो संगठनों को अपनी मांग रखने के लिए बार-बार नयी जगह तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे प्रदर्शन के दौरान यातायात और शहर की सामान्य गतिविधियों को लेकर प्रशासन के लिए भी व्यवस्था करना आसान हो सकता है.
Purnia Protest Site: अब प्रशासन के फैसले पर नजर
बिहार किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के सामने अपनी मांग रखी है. अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से शहर में स्थायी धरना स्थल के लिए क्या व्यवस्था की जाती है.
पूर्णिया जैसे शहर में जहां अलग-अलग सामाजिक संगठन समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाते हैं, वहां एक निर्धारित स्थान की व्यवस्था इस समस्या का व्यावहारिक समाधान हो सकती है. फिलहाल संगठनों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है.
प्रतिनिधिमंडल में अनिरुद्ध प्रसाद मेहता, माहेश्वरी मेहता, सुरेश यादव, सुरेश प्रसाद गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे.
Also Read: बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान
Also Read: बिहार के शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत, CM सम्राट चौधरी ने जारी किए 461 करोड़ रुपये
