हरदा (पूर्णिया). पूर्णिया जिले की गंगेली पंचायत के चपय गांव में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज परिजनों द्वारा युवती का सामाजिक बहिष्कार करने का मामला सामने आया है. बताया गया कि युवती के प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने उसे अपने लिए मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पिता और परिजनों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में युवती की सांकेतिक अर्थी निकाली और अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की.
घर से भागकर आठ सितंबर को किया प्रेम विवाह
जानकारी के अनुसार गांव के एक युवक और युवती के बीच पिछले कुछ महीनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के रिश्ते की जानकारी परिजनों को मिलने तक उन्होंने शादी करने का निर्णय ले लिया था. इसके बाद आठ सितंबर को दोनों घर से चले गए और प्रेम विवाह कर लिया.
न्यायालय में युवती ने प्रेमी के पक्ष में दिया बयान
घटना के बाद युवती के पिता की ओर से पुलिस में आवेदन दिया गया. इसके बाद युवती को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसने अपने प्रेमी के पक्ष में बयान दिया. युवती के इस रुख के बाद उसके परिजनों की नाराजगी और बढ़ गयी.
पंचायत में परिवार से बहिष्कार का लिया गया फैसला
मामले को लेकर गांव में पंचायत बैठी. बताया गया कि पंचायत में ग्रामीणों की मौजूदगी में युवती के परिजनों ने अंतरजातीय विवाह को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इसके बाद युवती को परिवार से बहिष्कृत करने का निर्णय लिया गया.
बेटी को मृत घोषित कर निकाली सांकेतिक अर्थी
परिजनों ने कथित तौर पर सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए युवती को अपने परिवार के लिए मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उसकी सांकेतिक अर्थी तैयार की गयी. ग्रामीणों की मौजूदगी में अर्थी को पूरे गांव और टोले में घुमाया गया. इसके बाद परिजनों ने सांकेतिक रूप से अंतिम संस्कार की रस्म भी पूरी की. घटना की चर्चा के बाद इलाके में यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
प्रेम विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार पर सवाल
अंतरजातीय विवाह के बाद युवती को परिवार से बहिष्कृत करने और जीवित बेटी की सांकेतिक अर्थी निकालने की घटना ने सामाजिक सोच और पारिवारिक दबाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं. मामले में पंचायत के फैसले और परिवार की ओर से की गयी कार्रवाई को लेकर भी चर्चा है.
