पर्युषण पर्व के मौके पर संबोधित करते अध्यक्ष निशांत गोलछा | Prabhat Khabar Network

गुलाबबाग तेरापंथ भवन में जप दिवस पर विशेष अनुष्ठान: आत्मशुद्धि और संयम पर हुआ चिंतन, देखें 8 दिवसीय साधना की रूपरेखा

पूर्णिया के गुलाबबाग में पर्युषण महापर्व के 'जप दिवस' पर विशेष अनुष्ठान आयोजित हुआ. आत्मशुद्धि, तप और क्षमा के महत्व पर विद्वानों ने प्रकाश डाला.

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के आध्यात्मिक निर्देशन में पूर्णिया के व्यावसायिक केंद्र गुलाबबाग स्थित तेरापंथ भवन में आठ दिवसीय महान पर्व 'पर्वाधिराज पर्युषण' श्रद्धा, उल्लास और कठोर साधना के वातावरण में आयोजित हो रहा है.

पर्युषण के छठे दिन को 'जप दिवस' के रूप में विधि-विधान और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया गया. इस अवसर पर केंद्र से आए विद्वान उपासक प्राध्यापक निर्मल जी नौलखा एवं उनके सहयोगी उपासक नवरतन जी बेंगानी का पावन सान्निध्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ.

आत्म शुद्धि, तप और क्षमा का महापर्व है पर्युषण: प्राध्यापक निर्मल नौलखा

प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए उपासक प्राध्यापक निर्मल नौलखा ने पर्युषण महापर्व के दार्शनिक और व्यावहारिक पक्षों को रेखांकित किया:

  • आत्म शुद्धि और त्याग: उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व केवल बाह्य अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा के विकारों को दूर कर आत्म शुद्धि, तप, त्याग, संयम और क्षमा को जीवन में उतारने का पावन अवसर है.
  • दैनिक साधना का महत्व: तेरापंथ धर्मसंघ में पर्युषण के प्रत्येक दिन को विशिष्ट आध्यात्मिक संकल्पों और दिवसों (जैसे जप दिवस, ध्यान दिवस, संवत्सरी आदि) के रूप में मनाकर जीवन को संस्कारित किया जाता है.

मानव और मानवता के लिए जप की शक्ति

उपासक श्री नौलखा ने 'जप दिवस' की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा:

  • मानसिक एकाग्रता: नियमित मंत्र जप और ध्यान से मन के भटकाव पर विराम लगता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
  • कल्याणकारी विचार: जप के माध्यम से व्यक्ति स्व से ऊपर उठकर परोपकार और समूची मानवता के कल्याण की भावना से जुड़ता है.

अध्यक्ष निशांत गोलछा का संबोधन

समारोह के दौरान तेरापंथ सभा के अध्यक्ष निशांत गोलछा ने भी उपस्थित समाजजनों और श्रद्धालुओं को संबोधित किया. उन्होंने पर्युषण के दौरान समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और बच्चों से तप-जप की इस श्रृंखला में बढ़-चढ़कर भाग लेने और आचार्य प्रवर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर सामूहिक जप और सामायिक की साधना की.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अखिलेश चंद्रा

अखिलेश चंद्रा प्रिंट माध्यम में 30 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >