एक व्यक्ति एक वोट के साथ एक निर्वाचन क्षेत्र हो निर्धारित : पंकज कुमार

स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच के जिला सचिव पंकज कुमार ने कहा

पूर्णिया. स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच के जिला सचिव पंकज कुमार ने कहा है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही भारत में एक व्यक्ति एक से अधिक जगह से चुनाव लड़ सकता है, ऐसी परंपरा बनी हुई है. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्सन 33 मे यह व्यवस्था दी गई थी कि व्यक्ति एक से अधिक जगह से चुनाव लड़ सकता है. जबकि इसी अधिनियम के सेक्शन 70 में कहा गया है वह एक बार में केवल एक ही सीट का प्रतिनिधित्व कर सकता है. उन्होंने कहा कि नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए एक साथ दो सीटों पर चुनाव लड़ते हैं और दोनों सीटों पर जीतने की स्थिति में अपनी सुविधानुसार एक सीट से इस्तीफा दे देते हैं. फिर उस छोड़े हुए सीट पर उपचुनाव होते हैं, जिसमे न सिर्फ करदाताओं का पैसा खर्च होता हैं बल्कि उस क्षेत्र के मतदाता भी खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं. सचिव पंकज कुमार ने कहा कि दो सीटों से चुनाव लड़कर नेता भारतीय लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं या इस व्यवस्था से सिर्फ अपने राजनीतिक हित को साध रहे हैं, इसकी व्यापक समीक्षा और फिर इसमें सुधार होना चाहिए. जब मतदाता एक ही जगह मतदान कर सकते हैं तो फिर नेता को भी इस परिधि में लाना देश हित में होगा. नेता अगर दो सीटों से चुनाव लड़कर जीत हासिल करते हैं रिक्त होने वाली सीट पर दूसरे नंबर रहे प्रत्याशी को विजयी घोषित किया जाना चाहिए. इससे उस सीट पर उपचुनाव की नौबत नहीं आयेगी और दो सीटों से चुनाव लरने की प्रवृति को भी हतोत्साहित किया जा सकेगा. एक व्यक्ति एक वोट भारतीय लोकतंत्र के मूल सिद्धांत को विस्तारित करते हुए अब इसमें एक प्रत्याशी एक निर्वाचन क्षेत्र भी जोड़ा जाय. इससे सरकार की फिजूलखर्ची पर बहुत बड़ा अंकुश लगेगा जो व्यापक जनहित में है. फोटो – 10 पूर्णिया 5- पंकज कुमार

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >