कोर्ट स्टेशन पर बढ़ गयी ट्रेनों की संख्या, प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधाएं नदारद

प्लेटफॉर्म पर नहीं है यूरिनल व पेयजल, नल के पीछे गंदगी का अंबार

प्लेटफॉर्म पर नहीं है यूरिनल व पेयजल, नल के पीछे गंदगी का अंबार

कोर्ट स्टेशन में वेटिंग रूम नहीं बनने से यात्रियों को हो रही परेशानी

पूर्णिया

समस्तीपुर रेल मंडल में पड़ने वाले पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर ट्रेनों के साथ यात्रियों की संख्या भी बढ़ गयी पर सुविधाएं नदारद हैं. नतीजतन इस रेलखंड में सफर करने वाले यात्रियों की फजीहत हो जाती है. यह विडंबना है कि आमदनी की तुलना में यहां सुविधाएं सुलभ नहीं है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार सिर्फ पूर्णिया कोर्ट-हटिया 18625 कोसी एक्सप्रेस ट्रेन से जो आय होती है उस मामले में पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पटना के बाद दूसरे नंबर पर है, जबकि यहां से 12 जोड़ी ट्रेनें चलती हैं. सुविधाओं के अभाव के कारण यात्रियों में क्षोभ देखा जा रहा है.

यात्री पहले आ जाएं या ट्रेन आने में देर हो, तो प्लेटफार्म पर इंतजार करना मुश्किल हो जाता है. बारंबार घोषणा के बावजूद कोर्ट स्टेशन पर वेटिंग रूम की सुविधा नहीं दी जा सकी है. वेटिंग रूम नहीं रहने सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को हो रही है. यात्रियों का कहना है कि यहां सबसे बड़ी समस्या वेटिंग रूम की है. जीएम से लेकर डीआरएम तक ने अलग-अलग समय में वेटिंग रूम बनाने के आदेश दे रखे हैं, इसके बावजूद आज तक नहीं बना है. समस्तीपुर के डीआरएम द्वारा दो माह पहले कोर्ट स्टेशन पर पंद्रह दिनों के अंदर वेटिंग रूम बनाने का आदेश दिया गया था. पर अब तक आश्वासन पर ही वेटिंग रूम चल रहा है. ऐसा नहीं है कि वेटिंग रूम के लिए जगह नहीं है. टिकट काउंटर के पीछे एक बड़ा हॉल बना हुआ है. इसी हॉल को डीआरएम ने निरीक्षण करते हुए वेटिंग रूम बनाने के लिए आदेश दिया था. इसी हॉल में शौचालय, यूरिनल, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्था की जानी है.

फर्श पर बैठ करते हैं ट्रेन का इंतजार

कोर्ट स्टेशन पर स्थिति तब और हास्यास्पद हो जाती है जब कोई अपने परिवार के साथ अपनी लग्जरी कार पर सवार होकर ट्रेन पकड़ने आते हैं और यहां ट्रेन लेट होने पर प्लेटफार्म के फर्श पर बैठने की विवशता अन जाती है. वेटिंग रूम नहीं रहने के कारण ट्रेन आने के इंतजार में यात्रियों को घंटों प्लेटफार्म या स्टेशन के फर्श पर बैठ कर समय बिताना पड़ता है. ऐसे में किसी को यदि शौच लग जाये तो उसे स्टेशन के बाहर जाना पड़ता है. याद रहे कि कोर्ट स्टेशन से बनमनखी, बिहारीगंज, सहरसा, पटना, झारखंड, अमृतसर की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या रोजाना बढ़ रही है. इसके बावजूद स्टेशन पर समस्याओं का अंबार है.

यात्री शेड का अभाव भी बना है परेशानी का सबब

पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर यात्री शेड का भी अभाव बना हुआ है. यहां प्लेटफ़ॉर्म नंम्बर दो पर पर्याप्त रूप से यात्री शेड नहीं है. जबकि अमृतसर जाने वाली ट्रेन जनसेवा एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म दो पर ही लगती और खुलती है. इससे शाम और सुबह में अफरा-तफरी का माहौल रहता है. इधर, कोर्ट स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी दिशा की ओर प्लेटफॉर्म जंगल से घिरा हुआ है. इससे रात के समय जनहित और कोसी एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं इन दोनों तरफ यात्रियों का जो बैठने का शेड बना हुआ है वह भी जंगल के बीच स्थित है. शेड के चारों तरफ जंगल रहने के कारण यात्री बैठना नहीं चाहते हैं.

शौचालय की बदबू से सांस लेना भी मुश्किल

पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के पूर्वी दिशा में एक जर्जर और गंदगी से भरा हुआ शौचालय है. गंदगी के कारण वहां यात्री झांककर बैरंग लौट जाते हैं और इसके सटे यात्री यूरिनल नहीं रहने से लोग कहीं भी शुरू हो जाते हैं. इससे यहां काफी बदबू फैली रहती है. इतना ही नहीं पेयजल प्वाइंट के पीछे भी यूरिनल बना हुआ है. इससे काफी गंदगी फैली रहती है. इसकी सफाई नहीं करायी जाती है. यात्रियों का कहना है कि यहां दशकों से शौचालय व यूरिनल तक की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पायी है. इससे रेल यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रत्येक दिन यहां पर हजारों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं.

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आंकड़ों पर एक नजर

15 हजार से अधिक यात्री रोजाना करते हैं सफर

12 जोड़ी ट्रेनें चलती है पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से

40 हजार से अधिक रोजाना होती है टिकट की बिक्री

12 लाख रुपये से अधिक प्रति माह का मिलता है राजस्व

फोटो.

13 पूर्णिया 6-प्लेटफॉर्म के पश्चिमी दिशा में जंगल के बीच बना बैठने का शेड.

7- जर्जर व गंदगी से घिरा यूरिनल.

8- इसी हॉल में बनना है वेटिंग रूम.

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By Prabhat Khabar News Desk

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