पूर्णिया. जिला न्यायालय मध्यस्थता केन्द्र, पूर्णिया में सुपरवाइजरी कमेटी एवं गवर्निंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय पूर्णिया सह सुपरवाईजरी कमेटी के अध्यक्ष राकेश कुमार ने की. इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह समन्वयक, मध्यस्थता केन्द्र धर्मेन्द्र सिंह तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया सुनील कुमार भी उपस्थित थे. बैठक विधिक सेवा सदन, पूर्णिया में आयोजित की गई, जिसमें सुपरवाईजरी कमेटी के सदस्य, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षित मध्यस्थों ने भाग लिया. प्रमुख रूप से लोक अभियोजक अवधेश कुमार तिवारी, सरकारी अधिवक्ता रतन कुमार आर्य, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ज्योतिन्द्र नारायण अम्बष्ट, सचिव सुमन जी प्रकाश एवं संयुक्त सचिव विनय कृष्णलाल सहित अन्य अधिवक्ता एवं मध्यस्थ उपस्थित रहे. बैठक में मध्यस्थता अधिनियम 2023 के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई. संस्थागत मध्यस्थता को सशक्त बनाने, समझौता करारों को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक मध्यस्थता को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही दीवानी, वाणिज्यिक, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता को एक प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर बल दिया गया. इस दौरान यह सुझाव दिया गया कि न्यायिक दंडाधिकारियों द्वारा सुलहनीय आपराधिक मामलों को अधिकाधिक संख्या में मध्यस्थता हेतु भेजा जाए. इसके अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा वाद, उपभोक्ता वाद एवं श्रम वाद से संबंधित मामलों को भी मध्यस्थता केन्द्र में संदर्भित करने का अनुरोध किया जाएगा. बैठक में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया. इसके लिए सभी अधिवक्ताओं एवं मध्यस्थों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई.बै
अब सुलह से सुलझेंगे अधिक मामले, पूर्णिया मध्यस्थता केन्द्र की बड़ी पहल
पूर्णिया मध्यस्थता केन्द्र की बड़ी पहल
