पूर्णिया जिले में 1000 पुरुषों की अनुपात में जन्म ले रही 955 बालिकाएं

डीएम की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की हुई मासिक समीक्षा बैठक

डीएम की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की हुई मासिक समीक्षा बैठक

लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश

-कुपोषित बच्चों की पहचान कर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का निर्देश.

– अस्पताल में सुरक्षित रखने के लिए पानी और बैठने की व्यवस्था हो. -जिले में टीबी टेस्टिंग की संख्या को और बढ़ाने का निर्देश दिया गया.

– एचआईवी टीबी ग्रसित मरीजों की संख्या 569 पायी गयी है.

पूर्णिया. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पूर्णिया के विभिन्न अस्पतालों में कुल 48 हजार 803 पुरुष और 46 हजार 626 बालिकाओं का जन्म हुआ है. इसके अनुसार, पूर्णिया जिले में 1000 पुरुषों की अनुपात में 955 बालिकाओं के जन्म दर्ज किया गया है. सिर्फ मार्च माह में ही जिले के विभिन्न अस्पतालों में 03 हजार 798 पुरुषों और 03 हजार 699 बालिकाओ का जन्म दर्ज किया गया है. यह जानकारी डीएम अंशुल कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की हुई मासिक समीक्षा बैठक में समाने आयी है. इस दौरान जिला पदाधिकारी ने लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, अस्पताल अधीक्षक डॉ संजय कुमार, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर, डीएम&ई आलोक कुमार, डीसीक्यूए डॉ अनिल शर्मा, सी-फार डीविजन कोऑर्डिनेटर, यूनिसेफ के शिवशेखर आनंद, पिरामल स्वास्थ्य जिला समन्यवक चंदन कुमार, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर सहित सभी प्रखंड के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे. 84 प्रतिशत बच्चों का संस्थागत प्रसव

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड के स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य केंद्रों में सभी महत्वपूर्ण प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराते हुए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आवश्यक निर्देश दिया. कहा कि प्रसव पूर्व जांच के दौरान गंभीर रूप से जटिल गर्भवती महिला को स्वस्थ्य रखने के लिए 09 तारीख को विशेष जांच के लिए अस्पताल आमंत्रित करते हुए लाभार्थियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाये और उन्हें विशेष उपचार सुविधा उपलब्ध करायी जाये.उन्होने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 94039 प्रसव सुनिश्चित किया गया.स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुपात में वर्ष 2025-26 में 84 प्रतिशत बच्चों का संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य केंद्रों में दर्ज किया गया.जिलाधिकारी ने जिले में सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों के माध्यम से संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया.

जिले में टीकाकरण दर 98 प्रतिशत, शत प्रतिशत का लक्ष्य

जिलाधिकारी ने जिले में गर्भवती महिलाओं और बच्चे के शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके लिए नवजात शिशुओं को प्रसव के बाद अस्पताल में ही टीकाकरण सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया. वर्तमान में जिले में 98 प्रतिशत बच्चों और महिलाओं को टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है. लोगों को जागरूक करते हुए 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने का जिलाधिकारी द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया. बालिकाओं को गर्भाशय कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है. वर्तमान में जिले में 4000 बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित कराया गया है. इसे बढ़ाते हुए शत प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है.

स्वास्थ्य केंद्रों में 87 प्रतिशत आबादी को उपलब्ध करायी जाती है ओपीडी

समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी में 87 प्रतिशत लोगों को चिकित्सकों द्वारा चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में बैठने और पीने के लिए पानी की सुविधा शत प्रतिशत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. अस्पतालों में पीने के लिए उपलब्ध पानी में आयरन की समस्या को स्वास्थ्य कर्मियों को ठीक कराने का निर्देश दिया गया.समीक्षा में पाया गया कि कुछ अस्पताल के पानी में आयरन की समस्या पायी गयी है. स्वास्थ्य कर्मियों को पाइपलाइन के माध्यम से अस्पताल तक स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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