नौडीहा बाजार में 18 साल से बस स्टैंड का इंतजार, सड़क किनारे खड़े वाहनों से बढ़ रही जाम की समस्या

नौडीहा बाजार को प्रखंड बने 18 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, यात्री शेड और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है. स्थानीय लोग अब आंदोलन की राह पकड़ने की चेतावनी दे रहे हैं.

Naudiha Bazar Bus Stand: नौडीहा बाजार. प्रखंड का दर्जा मिलने के करीब 18 साल बाद भी नौडीहा बाजार के लोगों को यह सवाल परेशान कर रहा है कि आखिर बुनियादी यात्री सुविधाएं कब मिलेंगी. यहां न व्यवस्थित बस स्टैंड है, न ऑटो-टेंपो स्टैंड और न ही सार्वजनिक शौचालय. यात्रियों के लिए यात्री शेड भी नहीं है. ऐसे में प्रखंड मुख्यालय आने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों और राहगीरों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है.

वर्ष 2008 में नौडीहा बाजार को प्रखंड का दर्जा मिला था. स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि प्रखंड मुख्यालय बनने के बाद इलाके में सड़क, परिवहन और दूसरी नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा. लेकिन करीब 18 वर्ष बीतने के बाद भी बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, यात्री शेड और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं जमीन पर नहीं उतर सकी हैं.

साप्ताहिक बाजार में बढ़ जाती है परेशानी

नौडीहा बाजार में प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है. इन दोनों दिनों में आसपास और दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं.

बाजार में भीड़ बढ़ने के साथ सार्वजनिक सुविधाओं की कमी भी ज्यादा महसूस होती है. सबसे बड़ी परेशानी महिलाओं को होती है, क्योंकि पूरे बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है. सरकारी कार्यालय, अस्पताल या बाजार के काम से प्रखंड मुख्यालय आने वाले अन्य लोगों को भी इस समस्या से जूझना पड़ता है.

ग्रामीणों का कहना है कि बाजार के विस्तार और लोगों की आवाजाही के बावजूद जनसुविधाओं का उसी अनुपात में विकास नहीं हुआ है. इससे खासकर उन लोगों को परेशानी होती है, जिन्हें कई घंटे तक बाजार या प्रखंड मुख्यालय में रहना पड़ता है.

गर्मी, बारिश और ठंड में खुले में इंतजार

नौडीहा बाजार में यात्री सुविधाओं की कमी केवल शौचालय तक सीमित नहीं है. पूरे बाजार क्षेत्र में एक भी यात्री शेड नहीं होने के कारण लोगों को मौसम की मार झेलते हुए वाहनों का इंतजार करना पड़ता है.

भीषण गर्मी में धूप के बीच यात्री खड़े रहते हैं. बारिश के दौरान बचने के लिए दुकानों के शेड या दूसरी जगहों का सहारा लेना पड़ता है. ठंड के दिनों में भी यात्रियों के लिए इंतजार करने की कोई निर्धारित जगह नहीं है.

यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित प्रतीक्षास्थल नहीं होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की परेशानी और बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रखंड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर कम से कम बुनियादी यात्री सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए.

बस और ऑटो के लिए स्टैंड नहीं, सड़क पर बढ़ता दबाव

बस और ऑटो-टेंपो के लिए निर्धारित स्टैंड नहीं होने का असर बाजार की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. वाहन मुख्य सड़क के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े होते हैं. इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ता है और कई बार जाम की स्थिति बन जाती है.

साप्ताहिक बाजार के दिनों में लोगों की आवाजाही और वाहनों की संख्या बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है. सड़क किनारे वाहनों के रुकने से आने-जाने वाले वाहनों के लिए जगह कम पड़ती है. स्थानीय लोगों के अनुसार इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.

ऐसे में बस और ऑटो के लिए अलग-अलग निर्धारित स्थान होने से एक ओर यात्रियों को सुविधा मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर मुख्य सड़क पर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है.

18 साल में भी दूर नहीं हुई समस्या

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि जब नौडीहा बाजार को वर्ष 2008 में प्रखंड का दर्जा मिला था, तब लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी. प्रखंड मुख्यालय बनने के साथ परिवहन और जनसुविधाओं का विस्तार होगा.

लेकिन करीब 18 वर्ष बाद भी बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, यात्री शेड और सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव लोगों को परेशान कर रहा है. ग्रामीणों के अनुसार ये ऐसी सुविधाएं हैं, जिनकी जरूरत रोजाना महसूस होती है और जिनका सीधा संबंध आम लोगों की सुविधा से है.

Naudiha Bazar Bus Stand: कई बार उठी मांग, अब आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों के अनुसार बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, यात्री शेड और सार्वजनिक शौचालय के निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया है. इसके बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं हुई है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से नौडीहा बाजार और प्रखंड मुख्यालय के आसपास के इलाकों के साथ प्रमुख चौक-चौराहों पर यात्री एवं जनसुविधाओं के विकास की मांग की है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान होना चाहिए.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली पहल पर है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 18 वर्ष बाद नौडीहा बाजार को बस स्टैंड, यात्री शेड और सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा.

फोटो:-कैप्शन | Prabhat Khabar Network

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By चंद्रशेखर सिंह

चंद्रशेखर सिंह प्रभात खबर से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने लंबे समय से पत्रकारिता करियर में क्राइम, सामाजिक मुद्दों और राजनीति से जुड़े विषयों पर व्यापक रूप से काम किया है. मेदिनीनगर (पलामू) में जमीनी स्तर की पत्रकारिता में इनकी खास पकड़ रही है. समाज से जुड़े महत्वपूर्ण और अनदेखे मुद्दों को सामने लाने, आम लोगों की समस्याओं को आवाज देने और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने के लिए वह जाने जाते हैं. अपराध और राजनीति से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक बदलाव और जनहित के मुद्दों पर भी लगातार काम किया है. क्राइम रिपोर्टिंग, सामाजिक सरोकार और राजनीतिक पत्रकारिता उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं. तीन दशकों के अनुभव के दौरान उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पत्रकारिता के तौर-तरीकों को करीब से देखा और समझा है. उनकी पत्रकारिता में जमीनी अनुभव, सामाजिक मुद्दों की समझ और तथ्यपरक रिपोर्टिंग को विशेष महत्व मिलता है.

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