पूर्णिया, मीरगंज. ग्रामीण बच्चों एवं युवाओं को रंगमंच से जोड़ने की पहल के तहत मीरगंज के मोहना टोल स्थित प्राथमिक विद्यालय रामनगर में सांस्कृतिक आंचल संस्था की ओर से 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है. कार्यशाला में बच्चों और युवाओं को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभिनय, संवाद प्रेषण, भाव-भंगिमा और मंचीय कला की बारीकियां सीखने का अवसर मिल रहा है. प्रशिक्षण को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह है और वे नियमित रूप से अभ्यास में जुटे हैं.
अभिनय और संवाद अदायगी का दिया जा रहा प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक निलेश कुमार ने प्रतिभागियों को चयनित नाटक के विभिन्न पात्रों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने पात्रों के अनुरूप संवाद बोलने, संवाद की अदायगी, भाव-भंगिमा और अभिनय के दौरान मंच पर प्रस्तुति के तरीके को समझाया. इसके बाद बच्चों और युवाओं ने अलग-अलग पात्रों के संवाद और अभिनय का अभ्यास किया.
मंचीय कला की बारीकियां सीख रहे प्रतिभागी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल संवाद याद कराने के बजाय उसे भाव के साथ प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया जा रहा है. मंच पर संवाद बोलते समय आवाज, हाव-भाव और पात्र के अनुरूप शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को रंगमंच की बुनियादी समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है.
25 सितंबर तक चलेगी नाट्य कार्यशाला
सांस्कृतिक आंचल संस्था के अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि कार्यशाला का संचालन 25 सितंबर तक किया जाएगा. कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लगातार अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे चयनित नाटक की प्रस्तुति के लिए तैयार हो सकें.
प्रतिभागियों में दिख रहा उत्साह
नाट्य प्रशिक्षण में शामिल बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्रतिभागी अभिनय और संवाद के अभ्यास में सक्रियता से हिस्सा ले रहे हैं. संस्था की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा निखारने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है.