नाट्य कार्यशाला में प्रस्तुति देते कलाकार

मीरगंज में बच्चों और युवाओं को रंगमंच से जोड़ने की पहल, 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में सीख रहे अभिनय के गुर

मीरगंज के प्राथमिक विद्यालय रामनगर में 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बच्चों और युवाओं को रंगमंच से जोड़ना है. कार्यशाला में प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभिनय, संवाद और मंचीय कला की बारीकियां सिखाई जा रही हैं. यह पहल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा निखारने का बेहतरीन अवसर प्रदान कर रही है.

पूर्णिया, मीरगंज. ग्रामीण बच्चों एवं युवाओं को रंगमंच से जोड़ने की पहल के तहत मीरगंज के मोहना टोल स्थित प्राथमिक विद्यालय रामनगर में सांस्कृतिक आंचल संस्था की ओर से 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला आयोजित की जा रही है. कार्यशाला में बच्चों और युवाओं को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभिनय, संवाद प्रेषण, भाव-भंगिमा और मंचीय कला की बारीकियां सीखने का अवसर मिल रहा है. प्रशिक्षण को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह है और वे नियमित रूप से अभ्यास में जुटे हैं.

अभिनय और संवाद अदायगी का दिया जा रहा प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षक निलेश कुमार ने प्रतिभागियों को चयनित नाटक के विभिन्न पात्रों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने पात्रों के अनुरूप संवाद बोलने, संवाद की अदायगी, भाव-भंगिमा और अभिनय के दौरान मंच पर प्रस्तुति के तरीके को समझाया. इसके बाद बच्चों और युवाओं ने अलग-अलग पात्रों के संवाद और अभिनय का अभ्यास किया.

मंचीय कला की बारीकियां सीख रहे प्रतिभागी

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल संवाद याद कराने के बजाय उसे भाव के साथ प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया जा रहा है. मंच पर संवाद बोलते समय आवाज, हाव-भाव और पात्र के अनुरूप शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को रंगमंच की बुनियादी समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है.

25 सितंबर तक चलेगी नाट्य कार्यशाला

सांस्कृतिक आंचल संस्था के अध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि कार्यशाला का संचालन 25 सितंबर तक किया जाएगा. कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लगातार अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि वे चयनित नाटक की प्रस्तुति के लिए तैयार हो सकें.

प्रतिभागियों में दिख रहा उत्साह

नाट्य प्रशिक्षण में शामिल बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्रतिभागी अभिनय और संवाद के अभ्यास में सक्रियता से हिस्सा ले रहे हैं. संस्था की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा निखारने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है.

Also Read: बिहार में चीनी मिल लगाने वालों को 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन, सरकार देगी 70 करोड़ तक की सब्सिडी, जानें पूरा प्लान

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र सिन्हा गोपी

सत्येन्द्र सिन्हा गोपी प्रिंट माध्यम में 25 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. आकाशवाणी एवं दूरदर्शन समाचार से पत्रकारिता की शुरुआत की. नाटक, कला संस्कृति, गीत संगीत, कृषि व मेडिकल क्षेत्र में विशेष अभिरुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >