– पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी, उर्दू, मैथिली और संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मना विश्व मातृभाषा दिवस पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी, उर्दू, मैथिली और संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मातृभाषा दिवस मनाया गया. समारोह की अध्यक्षता स्नातकोत्तर उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. आफताब आलम ने की. कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि भारत सरकार ने मातृभाषा, सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. भारतीय भाषाओं में शिक्षण, अनुसंधान एवं संचार में प्रचार प्रसार एक सार्थक कदम साबित होगा. अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. सुमन सागर ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा को बढ़ावा देने का निर्णय हुआ है. हिंदी विभाग के प्रो. जितेंद्र वर्मा ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषाओं में पठनपाठन पर जोर दिया गया है. इस अवसर पर विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी मातृभाषा मैथिली , अंगिका , सुरजापुरी,भोजपुरी , मगही में अपनी अपनी रचनाओं का पाठ किया. अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. आफताब आलम ने कहा कि मातृभाषाओं में ही मनुष्य के अंत:करण के भावों की अभिव्यक्ति हो सकती है. विचार अपनी भाषा में ही जन्म लेते है. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए हिंदी विभाग की प्रो. अनामिका सिंह ने कहा कि मातृभाषा वह है जिसे बच्चा अपनी माता से सीखते हैं. वह उसकी अपनी भाषा है. ————– पूर्णिया महिला महाविद्यालय में मनाया विश्व मातृभाषा दिवस पूर्णिया. पूर्णिया महिला महाविद्यालय में विश्व मातृभाषा दिवस मनाया गया. प्रभारी प्रधानाचार्या डॉ उषा शरण ने मातृभाषा के विभिन्न रूपों से अवगत कराया. वहीं प्रो. मृदुलता ने मातृभाषा दिवस की शुरूआती परिस्थितियों एवं वर्तमान में उसकी उपादेयता पर प्रकाश डाला. डॉ राधा ने मैथिली की महत्ता के बारे में बताते हुए काव्य पाठ किया. डॉ राकेश रोशन सिंह , डॉ संजय कुमार दास एवं डॉ प्रमोद कुमार ने भी मातृभाषा के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की. डॉ जागृति राय एवं गौरव कुमार ने भी मातृभाषा दिवस के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी बात रखी.मंच संचालन डॉ नीतू कुमारी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ राकेश रोशन सिंह ने किया.
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