पेड न्यूज और रिपोर्टिंग पर एमसीएमसी की रहेगी पैनी नजर

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

उम्मीदवारों को विज्ञापन प्रसारण से 48 घंटे पूर्व लेनी होगी स्वीकृति

पूर्णिया. विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश के आलोक में वरीय पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता सिलिंग एवं नोडल पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एमसीएमसी एवं मीडिया कोषांग द्वारा संयुक्त रूप से आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यक्रम का आयोजन किया. इसी क्रम में उपस्थित विभिन्न मीडिया हाउस के प्रतिनिधियों को खबरों के प्रकाशन एवं प्रसारण से संबंधित चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया. इस दौरान राजनीतिक विज्ञापन के लिए पूर्व प्रमाणन, सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म, पेड न्यूज एवं उसकी रिपोर्टिंग के लिए आवेदन की प्रक्रिया, आचार संहिता आदि से संबंधित बातों की जानकारी दी गयी.

पांच सदस्यीय एमसीएमसी का किया गया गठन

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एमसीएमसी का गठन किया गया है. यह समिति भ्रामक, आचार संहिता उल्लंघन वाले या बिना अनुमोदन के प्रसारित किये जा रहे राजनीतिक विज्ञापनों की सतत निगरानी करेगी. वहीं किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार अथवा उनके प्रतिनिधि द्वारा टीवी, रेडियो, केबल नेटवर्क, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं सिनेमाघरों से पेड या प्रायोजित कंटेंट में कोई भी विज्ञापन प्रसारित करने के लिए एमसीएमसी से इसकी पूर्व स्वीकृति लेनी होगी. बिना प्रमाणन एवं चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के प्रतिकूल पाए जाने पर इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा. विभिन्न राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों को इसकी स्वीकृति के लिए एमसीएमसी में अपने विज्ञापन की स्क्रिप्ट, वीडियो की प्रति के साथ साथ निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फॉर्म एमसीएमसी-1 को 48 घंटे पूर्व जमा कराना होगा. समिति द्वारा जांच और प्रमाणन के बाद ही उक्त विज्ञापन को प्रसारित किया जा सकेगा. आचार संहिता पालन के मद्देनजर इस बात की भी हिदायत दी गयी है कि किसी भी विज्ञापन में किसी जाति, धर्म, समुदाय, भाषा या क्षेत्र के खिलाफ भेदभाव या नफरत फैलाने वाली सामग्री के साथ साथ झूठे व भ्रामक दावे एवं राष्ट्रीय प्रतीक, तिरंगा, सेना या संविधान का अनुचित उपयोग नहीं किया जाना चाहिए.

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By SATYENDRA SINHA

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