Amour Maria Dhar Bridge: अमौर. जिस पुल पर करीब 10 हजार लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही निर्भर है, उसकी हालत अब चिंता बढ़ाने वाली हो गयी है. डहुआबाड़ी से रौटा बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर मालटोली गांव के समीप मरिया धार पर बना पुल जर्जर हो चुका है. दोनों तरफ की रेलिंग टूट गयी है, पुल के बीच कई जगह बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं और नीचे का हिस्सा भी जगह-जगह झड़ रहा है. खंभों में भी दरारें होने की बात सामने आयी है.
जर्जर पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए चार दिन पहले लगाया गया हाईक्रॉस बेरियर भी अब गायब है. ग्रामीणों के अनुसार अज्ञात लोगों ने बेरियर तोड़कर हटा दिया. सूचना बोर्ड अब भी मौके पर लगा है. बेरियर हटने के बाद बड़े वाहनों के पुल से गुजरने की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के जेई श्याम कुमार ने अमौर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ सनहा दर्ज कराया है. विभाग के अनुसार पुल का स्थल निरीक्षण किया जा चुका है और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जा रही है.
रेलिंग टूटी, पुल के बीच पड़ी हैं बड़ी दरारें
मालटोली के पास मरिया धार पर बने पुल की स्थिति कई स्तरों पर खराब बतायी जा रही है. पुल के दोनों किनारों की रेलिंग टूट चुकी है. नीचे का हिस्सा भी कई जगह से झड़कर गिर रहा है. पुल के खंभों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि पुल के बीच कई स्थानों पर बड़ी दरारें पड़ गयी हैं.
ऐसे में पुल से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि रेलिंग नहीं होने के कारण यदि कोई वाहन अचानक अनियंत्रित होता है, तो उसके नीचे नहर में गिरने की आशंका बनी रहती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार अतीत में पुल से दोपहिया वाहन नीचे गिरने की घटनाएं भी हुई हैं. हालांकि इन घटनाओं का विस्तृत आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है.
सड़क पक्की हुई, लेकिन पुल का नहीं हुआ जीर्णोद्धार
ग्रामीण समाजसेवी शाहनवाज आलम, मो. मुजम्मिल, अजय मोदक और अब्दुल रहमान के अनुसार इस पुल का निर्माण करीब एक दशक पहले हुआ था. उस समय डहुआबाड़ी से रौटा बाजार जाने वाले इस मार्ग पर कच्ची सड़क थी.
करीब डेढ़ वर्ष पहले सड़क का पक्कीकरण कर दिया गया, लेकिन पुल का जीर्णोद्धार नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि पुल की साइडवाल भी काफी पहले ध्वस्त हो चुकी है. सड़क बेहतर होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन पुल की स्थिति में सुधार नहीं होने से खतरा बना हुआ है.
24 घंटे वाहनों की आवाजाही, दस हजार आबादी के लिए महत्वपूर्ण रास्ता
यह पुल डहुआबाड़ी गांव और आसपास के लोगों के लिए महज आवाजाही का रास्ता नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 हजार की आबादी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी मार्ग पर निर्भर है.
प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय, अस्पताल, पंचायत भवन और राशन दुकान समेत अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए ग्रामीण इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. पुल पर दिन-रात छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही होती है.
ऐसे में पुल की हालत खराब होने और सुरक्षा के लिए लगाया गया बेरियर हट जाने से स्थानीय लोगों के सामने सुरक्षित आवागमन का सवाल खड़ा हो गया है.
बड़े वाहनों को रोकने के लिए लगाया गया था बेरियर
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए करीब चार दिन पहले विभाग की ओर से पुल के समीप हाईक्रॉस बेरियर और सूचना बोर्ड लगाया गया था. इसका उद्देश्य बड़े वाहनों को पुल से गुजरने से रोकना और राहगीरों को पुल की स्थिति के प्रति सतर्क करना था.
लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अज्ञात लोगों ने हाईक्रॉस बेरियर तोड़ दिया और उसे वहां से हटा दिया. इसके बाद बड़े वाहनों के लिए पुल पर प्रवेश रोकने की व्यवस्था कमजोर हो गयी है. सूचना बोर्ड अभी भी मौके पर लगा हुआ है.
बेरियर तोड़े जाने की घटना को विभाग ने भी स्वीकार किया है. इसी मामले को लेकर अमौर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ सनहा दर्ज कराया गया है.
विभाग ने किया स्थल निरीक्षण, आगे की कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता कालेश्वर प्रसाद और जेई श्याम कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुल का स्थल निरीक्षण किया गया है. अधिकारियों के अनुसार चार दिन पहले पुल के पास हाईक्रॉस बेरियर और सूचना बोर्ड लगाया गया था, लेकिन हाईक्रॉस बेरियर को अज्ञात लोगों ने तोड़कर गायब कर दिया.
जेई श्याम कुमार ने बताया कि मामले में अमौर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ सनहा दर्ज कराया गया है. पुल की स्थिति का निरीक्षण किया गया है और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जा रही है.
Amour Maria Dhar Bridge: अब मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी नजर
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुल की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारी दोबारा स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और जीर्णोद्धार की कार्रवाई करें. साथ ही बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना भी जरूरी बताया जा रहा है.
पुल की रेलिंग, साइडवाल, खंभों और बीच में पड़ी दरारों की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. खासकर सड़क पक्की होने के बाद बढ़ी आवाजाही को देखते हुए पुल की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निगरानी आम लोगों के लिए अहम है.
फिलहाल विभाग ने स्थल निरीक्षण और सनहा दर्ज कराने की कार्रवाई की है. अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जर्जर पुल की मरम्मत या जीर्णोद्धार को लेकर आगे क्या कदम उठाया जाता है.
Also Read: बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान
Also Read: बिहार के शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत, CM सम्राट चौधरी ने जारी किए 461 करोड़ रुपये
