थाइरॉइड से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी

विश्व थाइरॉइड दिवस

पूर्णिया. भारतीय योग संस्थान के सुदीन चौक स्थित महामाया मंदिर केन्द्र पर विश्व थाइरॉइड दिवस के अवसर पर रविवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में थाइरॉइड से संबंधित रोग के कारण और निवारण पर चर्चा की गई. संगठन मंत्री सतीश चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि थाइरॉइड की समस्या पुरुषों की तुलना मे महिलाओं में आठ गुना अधिक होने की संभावना होती है क्योंकि महिलाओं में मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल परिवर्तन बहुत तेजी से होता है. उन्होंने बताया कि थाइरॉइड केवल गर्दन और गले की समस्या तक ही सीमित नही है बल्कि मेटाबोलिजम्म का धीमा होना, बाल झड़ना, थकान महसूस होना, त्वचा मे रूखापन, वजन तेजी से बढना या घटना, नींद की कमी, बच्चों में धीमा विकास, पढाई मे मन न लगना, स्वभाव में चिड़चिड़ापन, दिल की धड़कनों मे गड़बड़ी, याददाश्त मे कमी, महिलाओं मे अनियमित पीरियड जैसी समस्याएं भी इसके लक्षण है. आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग, तनाव रहित दिनचर्या, गुणवता पूर्ण नींद, शारीरिक सक्रियता, सामाजिक समरस्ता पूर्ण एवम योगमय जीवन और समय समय पर चिकित्सीय जांच कराकर कोई भी थाइरॉइड से संबंधित समस्याओं से बचाव कर सकता है. इस मौके पर जिला मंत्री कैलाश मंडल ने थाइरॉइड से बचाव के लिए सिंह गर्जना आसन, धनुर आसन, सर्वांग आसन, हल आसन, सेतु बंध आसन और उस्ट्र आसन एवम उज्जयी, अनुलोम विलोम, कपालभति प्राणायाम का अभ्यास कराया. केन्द्र प्रमुख ममता श्रीवास्तव, उप केन्द्र प्रमुख आरती सिन्हा के अलावा योग शिक्षिका सीमा मंडल एवम ललिता देवी, लक्ष्मी देवी, शीला चौधरी, पवन कुमार, संदीप दत्ता की उपस्थिति सराहनीय रही. ममता श्रीवास्तव के समापन संबोधन एवम आरती सिन्हा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.

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Author: SATYENDRA SINHA

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