रूपौली. चकला बहियार सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है. पूर्वी क्षेत्र में कटिहार जिला के कारी कोशी धारा पश्चिम क्षेत्र में तेलडीहा गांव उत्तरी क्षेत्र में गोड़ियर गांव दक्षिण क्षेत्र में टीकापट्टी बस्ती तक फैला हुआ है. इसमें जगह-जगह तालाब, बांसबाड़ी है. अधिकतर भूभाग में केला व मक्का लगा हुआ है. जबसे एक तेंदुआ मारा गया है और दूसरे के होने को लेकर वन विभाग की टीम ने आगाह किया है तबसे किसान व मजदूर केला खेत में काम करना बंद कर दिये है. काफी पैमाने पर खेतों में मक्का लगा हुआ है. स्थानीय सुदामा देवी ने बताया कि वन विभाग की माइकिंग के बाद चकला बहियार में लोगों का आना कम हो गया. किसानों के खेतों में केला व मक्का लगे हैं. मजदूर खेत में काम करने से इनकार कर रहे हैं. एक पिंजरा लगा हुआ है पर उससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है. जूली देवी ने बताया कि वन विभाग एक पिंजरा लगाकर दिन में चक्कर लगाता है. हमलोगों की मजदूरी बंद है. पशु चारा लाने खेत खलिहान नहीं जा पा रहे हैं. अनशीला देवी ने बताया कि वन विभाग ने जबसे चेतावनी दी है तबसे अपने बच्चों को घर में रखे है. मजदूरी दहीयारी करना छोड़ दिये हैं. आशा देवी कहती हैं कि डर से हमलोग पशु चारा लाने के लिये नहीं जा सकते हैं. सरुण मंडल ने बताया कि तेंदुआ बछिया पर एक दिन हमला किया था. किसान डर से मक्का व केला देखने खेत नहीं जा रहे हैं. फसल बर्बादी के कगार पर है. राजेंद्र मंडल ने बताया कि भय का माहौल है. एक स्टील का पिंजरा रखा गया है जो रात दिन चमकता है. डर से मजदूर केला के खेत में काम करने नही जा रहे हैं. गणेश मंडल का कहना है कि वन विभाग पिंजरा लगाकर तेंदुआ के फंसने का इंतजार कर रहा है. एक साथ चारों ओर से सर्च अभियान की मांग जदयू जिला महासचिव संजय कुमार मंडल ने बताया कि चकला बहियार में चारों छोर से एक साथ सर्च अभियान चलाने की जरूरत है. वन विभाग के रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि टीम पिंजरा अलग-अलग जगह लगाकर लगातार प्रयास कर रही है. अब तक सफलता नहीं मिली है.
तेंदुआ का खौफ बरकरार, भूलवश भी कोई नहीं जा रहा चकला बहियार, मक्का-केला हो रहे बेजान

तेंदुआ का खौफ बरकरार, भूलवश भी कोई नहीं जा रहा चकला बहियार, मक्का-केला हो रहे बेजान
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एक तेंदुआ मारा गया है और दूसरे के होने को लेकर वन विभाग की टीम ने आगाह किया है तबसे किसान व मजदूर केला खेत में काम करना बंद कर दिये है.