जलालगढ़. अररिया के 46 किसान एवं इनपुट डीलरों को कृषि विज्ञान केंद्र पूर्णिया, जलालगढ़ प्रक्षेत्र का परिभ्रमण कराया गया. मौके पर केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ के एम सिंह ने कीटों एवं खरपतवार का जैव नियंत्रण और बायोफर्टिलाइजर के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फसलों में लगने वाले कीट व्याधि को दूसरे कीटों एवं सूक्ष्मजीवों के द्वारा भी जैव नियंत्रण कर सकते हैं. कीट वैज्ञानिक अनामिका कुमारी ने कीटनाशकों के अनुप्रयोग के दौरान कोई प्रभावित व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी. मृदा वैज्ञानिक डॉ संतोष कुमार एवं कृषि अभियंत्रण डॉ आतिश सागर ने प्रक्षेत्र का भ्रमण कराते हुए कृषि मशीनों के बारे में बताया. मौके पर इन्हीं इनपुट डीलर्स के साथ उर्वरकों के संतुलित उपयोग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. जिसमें रासायनिक उर्वरकों से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हुए वैकल्पिक प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग एवं संतुलित उर्वरकों का उपयोग कर अधिकाधिक आमदनी प्राप्त करने की जानकारी दी गई. प्राकृतिक संसाधनों यानी जैविक उर्वरकों का संदर्भ में कृषि वैज्ञानिक ने विस्तृत जानकारी दी.
जैविक उर्वरकों पर अररिया के किसान व इनपुट डीलरों को केवीके ने किया जागरूक
जलालगढ़
