पूर्णिया. किसानों के सवाल को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व महासभा के अध्यक्ष इसलामउद्दीन कर रहे थे. महासभा के नेताओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज अन्नदाता ही भूखी-नंगी अवस्था में पहुंच चुके हैं. किसानों की अनदेखी देश को महंगा पड़ेगा. देश में खाद्यान्न संकट पैदा हो जायेगा और पूरा पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जायेगा. नेताओं ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है. गेहूं और दलहन की खरीदारी की सिर्फ घोषणा की गयी है. खेती का सीजन 25 मई से शुरू होनेवाला है, लेकिन अभी तक खाद-बीज और सिंचाई का घोर अभाव है. सरकारी स्तर से कोई इंतजाम नहीं किया गया है. बाद में महासभा का एक शिष्टमंडल अपनी 11 सूत्री मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा. ज्ञापन में धान अधिप्राप्ति का बकाया भुगतान करने, सिंचाई परियोजना का जीर्णोद्धार करने, शहरों के विकास के नाम पर कृषि भूमि को छीनने की योजना को वापस लेने, सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी देने, कृषि विपणन पर नया राष्ट्रीय प्रस्ताव को वापस लेने आदि की मांग शामिल है. धरना पर महासभा के सचिव अविनाश पासवान, सदस्य जोहाक अली, चंद्रेश्वरी ऋषि, रेणु यादव, नाजरा खातून समेत सैकड़ों लोग थे.
किसानों के सवाल पर किसान महासभा ने दिया धरना-प्रदर्शन
किसानों के सवाल को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया.
