पूर्णिया जिले के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) में जीविका से जुड़ी दीदियों के लिए आयोजित विशेष गौ-पालन (डेयरी फार्मिंग) प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत समापन हो गया. इस आवासीय/व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र में कुल 31 जीविका दीदियों ने वैज्ञानिक विधि से गाय पालन, दुग्ध उत्पादन प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बारीकियों को सीखा. समापन समारोह के अवसर पर संस्थान के निदेशक अमर कुमार द्वारा सभी सफल प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए.
वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग से बढ़ेगी ग्रामीण महिलाओं की आय
समापन सत्र को संबोधित करते हुए आरसेटी के निदेशक अमर कुमार ने पशुपालन को लाभदायक आजीविका का सशक्त माध्यम बताया:
- आधुनिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर: उन्होंने कहा कि पारंपरिक तरीकों के बजाय यदि वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से डेयरी फार्मिंग को अपनाया जाए, तो यह ग्रामीण महिलाओं के लिए एक अत्यंत लाभकारी और स्थायी स्वरोजगार बन सकता है.
- व्यावहारिक उपयोग की प्रेरणा: निदेशक ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए गए ज्ञान और कौशल का तुरंत जमीनी स्तर पर उपयोग करें और अपना डेयरी व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनें.
- सहयोग व हैंडहोल्डिंग सपोर्ट: आरसेटी प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार स्थापित करने, बैंक लिंकेज कराने और परियोजना तैयार करने में संस्थान द्वारा हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा.
प्रशिक्षण की मुख्य बातें और उपस्थिति
| विवरण | तथ्य / आंकड़े |
| प्रशिक्षण संस्थान | ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), पूर्णिया |
| प्रशिक्षण का विषय | गौ-पालन एवं आधुनिक डेयरी फार्मिंग (Cow Rearing & Dairy Farming) |
| लाभान्वित प्रतिभागी | 31 जीविका दीदियां |
| प्रमाण-पत्र वितरण | अमर कुमार (निदेशक, आरसेटी) |
| मुख्य बिंदु | नस्ल सुधार, संतुलित पशु आहार, टीकाकरण, स्वच्छता एवं दुग्ध विपणन |
संस्थान के फैकल्टी व कर्मी रहे मौजूद
इस समापन व प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में आरसेटी के संकाय सदस्य माधव चन्द और रजनीकांत के साथ-साथ कार्यालय सहायक पप्पू कुमार, दीपक कुमार सिंह सहित अन्य कर्मचारी व सभी प्रशिक्षणार्थी जीविका दीदियां उपस्थित रहीं.
