देश के छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर लागू किए गए नए 'इनकम टैक्स एक्ट-2025' के प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से शुक्रवार को पूर्णिया में आयकर विभाग द्वारा राष्ट्रव्यापी 'प्रारंभ' अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. शहर के एक निजी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में करदाताओं, व्यवसायियों, चैरिटेबल ट्रस्टों और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को नए कानून की प्रमुख विशेषताओं और डिजिटल सुविधाओं से विस्तार से अवगत कराया गया.
पटना आयकर आयुक्त और कसबा विधायक ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन पटना के आयकर आयुक्त शिव स्वरूप सिंह और कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर शहर के प्रमुख व्यवसायी, सीए और आयकर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:
- आयोजक एवं अध्यक्ष: कार्यशाला का आयोजन भागलपुर के आयकर अधिकारी (छूट) विकास कुमार द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता पटना के आयकर आयुक्त (छूट) शिव स्वरूप सिंह ने की.
- व्यापारियों को होगा लाभ: उद्घाटन के मौके पर कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने कहा कि आयकर नियमों और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से व्यवसायियों को कारोबार करने में काफी सहूलियत होगी. उन्होंने विभाग के इस जागरूकता अभियान की सराहना की.
नए कानून की मुख्य विशेषताएं और सरलीकरण
कार्यशाला में अपर आयकर आयुक्त (छूट), पटना ललित कुमार ने नए कानून के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
| प्रमुख विषय | नए कानून के तहत बदलाव / प्रावधान |
| कानून की भाषा | पुराने कानून (1961) की जटिल धाराओं को बेहद सरल और व्यवस्थित रूप दिया गया है. |
| ट्रस्ट व संस्थाएं | चैरिटेबल, शैक्षणिक, अस्पताल और धार्मिक संस्थाओं के प्रावधान अब धारा 332 से 355 के अंतर्गत स्पष्ट हैं. |
| एकल श्रेणी (Single Category) | विभिन्न संस्थाओं की अलग श्रेणियों को समाप्त कर 'रजिस्टर्ड नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन' की एक श्रेणी बनाई गई है. |
| पंजीकरण प्रक्रिया | आयकर छूट (Tax Exemption) के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया है. |
एआई आधारित 'कर साथी' ऐप की दी गई जानकारी
कार्यशाला में करदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग द्वारा लॉन्च किए गए 'कर साथी' (Kar Sathi) मोबाइल ऐप का प्रदर्शन किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐप है, जिसके माध्यम से करदाता नए इनकम टैक्स कानून से जुड़े किसी भी सवाल का तुरंत और सटीक उत्तर प्राप्त कर सकते हैं. विभाग का मुख्य उद्देश्य कर संग्रह के साथ-साथ करदाताओं को जागरूक करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है.
