300-400 साल पुरानी पांडुलिपियों के संरक्षणकों को सम्मान

डीएम ने प्रशस्ति पत्र एवं पौधा भेंट कर किया सम्मानित

डीएम ने प्रशस्ति पत्र एवं पौधा भेंट कर किया सम्मानित

पूर्णिया. पूर्णिया समाहरणालय में शुक्रवार को भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्यक्रम’के अंतर्गत एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देने वाले संग्रहकर्ताओं और सर्वेयरों को सम्मानित करना था. इस अवसर पर के. नगर प्रखंड के चंपानगर निवासी त्रिलोकनाथ पाठक एवं विभूति नाथ पाठक, मधुबनी (पूर्णिया) के पंजीकार विद्यानंद झा तथा पूर्णिया के वरिष्ठ कलाकार राजीव राज को जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया. सम्मानित संग्रहकर्ताओं ने बताया कि उनके पास संरक्षित पांडुलिपियां लगभग 300 से 400 वर्ष पुरानी हैं, जिन्हें उनके पूर्वजों द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा गया है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि ये पांडुलिपियां हमारी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इनसे देश के अतीत और परंपराओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगी.इस मौके पर उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार, अपर समाहर्ता रवि राकेश, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) राजकुमार गुप्ता, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी पंकज कुमार पटेल तथा के. नगर के प्रखंड विकास पदाधिकारी आशीष कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

सम्मानित होने वाले संरक्षक

चंपानगर 1. त्रिलोकनाथ पाठक 2. विभूति नाथ पाठक

मधुबनी (पूर्णिया) 1. पंजीकार विद्यानंद झा 2. वरिष्ठ कलाकार राजीव राज

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फोटो-24 पूर्णिया 6- सम्मानित करते डीएम

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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