पूर्णिया. शहर के गुलाबबाग स्थित तेरापंथ भवन में श्री जैन श्वेतांबर सभा की ओर से ज्ञानशाला दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ज्ञानशाला के बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से संस्कार, अनुशासन और रचनात्मकता की झलक पेश की. ज्ञानशाला दिवस के अवसर पर पहले प्रशिक्षिकाओं के नेतृत्व में रैली निकाली गयी, जिसके बाद तेरापंथ भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. बच्चों और ज्ञानशाला में समर्पित प्रशिक्षिकाओं की आकर्षक एंट्री ने उपस्थित अभिभावकों का ध्यान खींचा.
नवकार मंत्र से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रवक्ता उपासिका बबीता गाड़िया और उपासिका सीमा डूंगरवाल ने नवकार मंत्र के साथ किया. प्रशिक्षिका बबीता गाड़िया ने आगत अतिथियों का स्वागत किया. इसके बाद ज्ञानशाला के बच्चों ने सामूहिक नृत्य, नाटिका और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं.
ज्ञानशाला को बताया गुरुदेव तुलसी का अनुपम वरदान
वक्ताओं ने ज्ञानशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञानशाला गुरुदेव तुलसी का दिया हुआ अनुपम वरदान है, जिसे आचार्य महाश्रमण अपने स्नेह और मार्गदर्शन से आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ज्ञानशाला के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों की जानकारी भी दी जाती है.
बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
सभा के अध्यक्ष मनोज पुगलिया ने ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं के योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षिकाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें शिक्षा और संस्कार देती हैं. उन्होंने प्रशिक्षिकाओं के श्रम को नमन करते हुए अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानशाला भेजने का आग्रह किया.
ज्ञानशाला के आंचलिक संयोजक नवरतन दुगड़ और क्षेत्रीय संयोजक नवीन भंसाली ने भी ज्ञानशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानशाला भेजने की अपील की.
बच्चों की प्रस्तुतियों में दिखे संस्कार
ज्ञानशाला के नन्हे बच्चों ने ज्ञानशाला गीत पर सामूहिक नृत्य और नाटिका की प्रस्तुति दी. बच्चों की प्रस्तुतियों में उन्हें मिलने वाले संस्कार और प्रशिक्षण की झलक साफ दिखाई दी. बड़ी संख्या में मौजूद अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की.
कई अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ज्ञानशाला से जुड़ने के बाद बच्चों में संस्कार, अनुशासन और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.
प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को किया पुरस्कृत
सभा की ओर से पूर्व में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता और मुखवस्त्रिका प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को पुरस्कृत किया गया. इसके साथ ही ज्ञानशाला में नियमित रूप से सेवा देने वाली सभी प्रशिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया.
महिला मंडल और युवक परिषद के सदस्य भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में ज्ञानशाला के आंचलिक प्रभारी नवरतन दुगड़, सहप्रभारी नवीन भंसाली के अलावा सभा की पूरी टीम, महिला मंडल, युवक परिषद के सदस्य और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे. कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य प्रशिक्षिका श्रीती चोपड़ा ने किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षिका शांता संचेती ने किया.
