पूर्णिया : सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर पूर्णिया जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश के अनुसार जिले के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति अब बायोमैट्रिक बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) से दर्ज करना अनिवार्य होगा. सितंबर 2026 से वेतन भुगतान भी बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा.
वेतन बिल के साथ देना होगा इन-आउट लॉग
जिला प्रशासन की समीक्षा में सामने आया कि कई विभागों और कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का पूरी तरह अनुपालन नहीं हो रहा है. इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी संबंधित कार्यालयों को व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है.
सितंबर के वेतन भुगतान के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन बिल के साथ BBAS से जनरेट किया गया इन-आउट लॉग भी संलग्न करना होगा. इसके बिना वेतन बिल पारित नहीं किया जाएगा.
खराब मशीनों की तत्काल होगी मरम्मत
जिन सरकारी कार्यालयों में अब तक बायोमैट्रिक मशीन नहीं लगायी गयी है, वहां अविलंब मशीन लगाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, खराब पड़ी मशीनों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा गया है, ताकि अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज हो सके.
कोषागार करेगा इन-आउट लॉग का सत्यापन
वरीय कोषागार पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि BBAS की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त इन-आउट लॉग का मिलान और पूर्ण सत्यापन करने के बाद ही सितंबर का वेतन जारी करने की कार्रवाई करें. बायोमैट्रिक उपस्थिति का साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने पर वेतन बिल पारित नहीं किया जाएगा.
कार्य संस्कृति और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
जिला प्रशासन के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में कार्य-संस्कृति को बेहतर बनाना, अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है.
अंशुल कुमार, डीएम, पूर्णिया
