पूर्णिया : अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन पर हुए हमले और बदसलूकी के विरोध में राज्यभर के सरकारी चिकित्सकों द्वारा ओपीडी सेवा के एक दिवसीय बहिष्कार का असर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया में भी देखने को मिला. ओपीडी में नियमित चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार नहीं किया, जबकि मरीजों की सुविधा को देखते हुए एसआर (सीनियर रेजिडेंट), जेआर (जूनियर रेजिडेंट) और इंटर्न चिकित्सकों ने उपचार की जिम्मेदारी संभाली.
ओपीडी बहिष्कार के कारण अस्पताल पहुंचे मरीजों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एसआर, जेआर और इंटर्न चिकित्सकों को ओपीडी में तैनात किया, जिससे मरीजों का उपचार जारी रहा.
इमरजेंसी सेवा रही पूरी तरह सामान्य
चिकित्सकों के बहिष्कार से इमरजेंसी सेवाओं को अलग रखा गया. अस्पताल के आपातकालीन विभाग में सभी गंभीर मरीजों का नियमित रूप से इलाज किया गया और किसी प्रकार की सेवा बाधित नहीं हुई.
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
भाषा के सचिव डॉ. विकास कुमार ने बताया कि अरवल की घटना के विरोध में चिकित्सकों ने एक दिन के लिए ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया है. संगठन की मांग है कि घटना के दोषियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा अस्पतालों में हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
