नहाय खाय के साथ आज से शुरू होगा चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान

पूर्णिया

पूर्णिया. लोक आस्था का महापर्व कहा जानेवाला चैती छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान चैत्र शुक्ल चतुर्थी यानी रविवार 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ आरंभ होगा. पंचांगों के अनुसार, चैत्र शुक्ल चतुर्थी रविवार को भरणी नक्षत्र व वैधृति याेग में व्रती नहाय-खाय करेंगे. चैती छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की तैयारी घरों में लगभग पूरी हो गई है. 23 मार्च सोमवार को कृत्तिका नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्धि याेग में व्रती पूरे दिन निराहार रह कर शाम में खरना का पूजा कर गुड़, दूध और चावल से निर्मित खीर प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे. सोमवार को खरना का प्रसाद ग्रहण करने के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास आरंभ हो जाएगा. चैत्र शुक्ल षष्ठी 24 मार्च मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र व प्रीति योग में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा जबकि 25 मार्च को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पारण कर चार दिवसीय अनुष्ठान को पूर्ण किया जाएगा.चैती छठ को लेकर घर-आंगनों में जहां पारम्परिक लोक गीत गूंजने लगे हैं वहीं पूजन सामग्रियों की खरीददारी और घाटों की सफाई भी की जा रही है. इसी के साथ नहाय खाय और कद्दू भात की तैयारी भी शुरू हो गयी है. रविवार को छठव्रती नदी में स्नान कर कद्दू भात का सेवन करेंगे. शनिवार को बारिश के कारण घाटों की सफाई का काम काफी हद तक बाधित हुआ फिर भी लोगों ने अपना काम पूरा किया. हालांकि आमतौर पर चैती छठ में शारदीय पर्व की तरह माहौल नहीं रहता है फिर भी शहर से गांव तक छठी मैया के गीत गूंजने लगे हैं.

तिथि पर एक नजर

22 मार्च रविवार- नहाय-खाय

23 मार्च सोमवार- खरना पूजन

24 मार्च मंगलवार- अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

25 मार्च बुधवार- उदीयमान सूर्य को अर्घ्य

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