पूर्णिया. पूर्णिया विवि के पीजी मनोविज्ञान विभाग में बुधवार को एक महत्वपूर्ण काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें वर्चुअल माध्यम से प्रख्यात मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रीति माथुर ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को संबोधित किया. अपने व्याख्यान में उन्होंने मनोविज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध विविध करियर अवसरों पर विस्तार से चर्चा की. बताया कि एक मनोवैज्ञानिक के रूप में काउंसलिंग, क्लिनिकल प्रैक्टिस, रिसर्च, प्रशिक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं. डॉ. माथुर ने अपने 28 वर्षों के अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ मनोवैज्ञानिकों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही दिशा चुनने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीजी मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आभा मिश्रा ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि काउंसलिंग के माध्यम से निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और जीवन की जटिल परिस्थितियों को समझना आसान हो जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के सत्र से छात्रों को करियर के विभिन्न अवसरों के बारे में स्पष्टता प्राप्त होगी. इस अवसर पर अररिया कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका डॉ. नीतू कुमारी ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया. कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन मारवाड़ी कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका डॉ. बिजोइता दास ने किया.इस कार्यक्रम में पीजी मनोविज्ञान विभाग, डीएस कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज तथा अररिया कॉलेज के छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न पूछकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया, जिससे उन्हें अपने भविष्य के करियर को लेकर नई दिशा और प्रेरणा मिली.
काउंसलिंग सत्र में विशेषज्ञ ने किया छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन
पूर्णिया विवि
