खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए तिलहन फसलों का क्षेत्र विस्तार जरूरी

दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण

दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण

पूर्णिया. शुक्रवार को राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (कृषोन्नति योजना) अन्तर्गत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त कृषि भवन पूर्णिया के सभागार में किया गया. कार्यक्रम में राई-सरसों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन पर चर्चा की गयी. इस कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (शष्य) पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (शष्य) प्रक्षेत्र, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णिया के पौधा संरक्षण एवं शष्य के वैज्ञानिक, कृषि समन्वयक, प्रखंडों से आए प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया. जिला कृषि पदाधिकारी हरिद्वार प्रसाद चौरसिया ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन का मुख्य उद्देश्य देश में खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है. इसके लिए तिलहन फसलों का क्षेत्र-विस्तार, उत्पादकता वृद्धि एवं किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है. किसानों को सरकार द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं, बीज वितरण एवं तकनीकी सहायता की भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा राई-सरसों सहित अन्य तेलहन फसलों की उन्नत खेती तकनीक, उन्नत बीजों का प्रयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी गयी.

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Author: ARUN KUMAR

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