गैर-संचारी रोगों (NCD) की रोकथाम, समय पर पहचान और त्वरित उपचार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी पहल 'जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार' महाभियान का आगाज पूर्णिया जिले में हो गया है. पटना से मुख्यमंत्री द्वारा राज्यव्यापी शुभारंभ किए जाने के बाद पूर्णिया के रूपौली रेफरल अस्पताल में स्थानीय विधायक कलाधर मंडल और सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर जिले में इस अभियान की शुरुआत की. 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस 90 दिवसीय विशेष अभियान के तहत ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों को घर के नजदीक ही गंभीर गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त स्क्रीनिंग और जरूरी दवाओं की सुविधा मिलेगी.
घर के पास मुफ्त जांच और नि:शुल्क दवाएं
अभियान का मुख्य फोकस ग्रामीण आबादी को समय रहते गंभीर बीमारियों से बचाना है:
- इन बीमारियों की होगी मुफ्त स्क्रीनिंग: उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), मधुमेह (डायबिटीज), हृदय रोग और विभिन्न प्रकार के कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की अत्याधुनिक उपकरणों से जांच की जाएगी.
- मौके पर मिलेगी दवा: स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित किए गए मरीजों को रोग की गंभीरता के अनुसार मौके पर ही नि:शुल्क आवश्यक दवाएं दी जाएंगी और गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया जाएगा.
30 नवंबर तक चलेगा अभियान: स्वास्थ्य विभाग का पूरा खाका
जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (NCDO) डॉ. सुभाष कुमार सिंह और सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने अभियान के प्रारूप की जानकारी दी:
- समय-सीमा: यह विशेष स्वास्थ्य महाभियान 02 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक पूरे तीन माह तक जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC), अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC), रेफरल अस्पतालों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर संचालित होगा.
- सिविल सर्जन का वक्तव्य: डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और मानसिक तनाव के कारण गैर-संचारी रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. समय पर नियमित जांच और उचित चिकित्सीय परामर्श से इन जानलेवा बीमारियों को प्राथमिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है.
कार्यक्रम में प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों का रहा जमावड़ा
रूपौली रेफरल अस्पताल में आयोजित उद्घाटन समारोह में जिले और प्रखंड स्तर के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे:
- प्रमुख उपस्थिति: संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी (CDO) डॉ. के.एम. दास, रूपौली MOIC डॉ. नीरज कुमार, डीपीएम सुरेंद्र कुमार दास, डीपीसी डॉ. सुद्धांशु शेखर, जिला लेखा प्रबंधक सह FLC केशव कुमार और एपिडेमियोलॉजिस्ट नीरज कुमार निराला शामिल रहे.
- प्रखंड प्रशासन का सहयोग: स्थानीय बीडीओ, सीओ, बीएचएम और बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लेकर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
