अवैध एपीआई बेचने वाले गिरोह पर पूर्णिया पुलिस का बड़ा एक्शन, यूपी के मेरठ से शातिर सौरभ गिरफ्तार; आईफोन और मैकबुक बरामद

Cyber Police Fraud API Arrest:पूर्णिया साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय डिजिटल सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. 'प्राक्सी अर्थ' वेबसाइट के जरिए अवैध रूप से एपीआई (API) बेचने और साइबर फ्रॉड को बढ़ावा देने के आरोप में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक शातिर युवक को धर दबोचा है.

Cyber Police Fraud API Arrest:पूर्णिया से अरुण कुमार की रिपोर्ट: पूर्णिया जिले की साइबर थाना पुलिस ने ‘प्राक्सी अर्थ’ (Proxy Earth) नामक वेबसाइट के माध्यम से अवैध रूप से एपीआई (Application Programming Interface) बेचने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है. पुलिस टीम ने इस हाई-टेक तकनीकी घोटाले की कड़ियां जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ से मुख्य तकनीकी ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान 22 वर्षीय सौरभ सिंह के रूप में हुई है, जो डिजिटल पहचान छुपाकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था.

टेलीग्राम आईडी के जरिए राकेश कुमार को बेचा था एपीआई, ऐसे खुली पोल

पूर्णिया पुलिस मुख्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे तकनीकी रैकेट का खुलासा तब हुआ जब साइबर थाना में कांड संख्या 96/25 (दिनांक 15 दिसंबर 2025) के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (IT Act) और धोखाधड़ी की विभिन्न संगीन धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

मामले की जांच में यह बात सामने आई थी कि टेलीग्राम आईडी @icodeinbinary के संचालक द्वारा इस केस के एक अन्य मुख्य अभियुक्त राकेश कुमार को टेलीग्राम के माध्यम से अवैध रूप से एपीआई बेचा गया था. इस डिजिटल सौदे के एवज में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ₹5000 का गुप्त भुगतान किया गया था. इसी सुराग को पकड़कर पुलिस ने जाल बिछाना शुरू किया.

कोर्ट से वारंट लेकर मेरठ पहुंची पूर्णिया पुलिस, टेक्निकल सेल ने दबोचा

केस के अग्रिम अनुसंधान (इन्वेस्टिगेशन) के दौरान पूर्णिया साइबर सेल ने जब टेलीग्राम आईडी के आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला, तो इसकी लोकेशन मेरठ में पाई गई. आरोपी की सटीक पहचान सौरभ सिंह, निवासी न्यू शिवलोक कॉलोनी, थाना गंगानगर (मेरठ, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई.

आरोपी की पुख्ता पहचान होने के बाद पूर्णिया पुलिस ने माननीय न्यायालय से विधिवत गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देश पर साइबर थाना के तेजतर्रार अधिकारियों की एक विशेष छापेमारी टीम का गठन कर उसे उत्तर प्रदेश के मेरठ रवाना किया गया. लगातार तकनीकी अनुसंधान, लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय आसूचना संकलन (इंटेलिजेंस) के बाद पूर्णिया पुलिस ने मेरठ पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी सौरभ सिंह को उसके ठिकाने से दबोच लिया.

मैकबुक, आईफोन और एसएसडी कार्ड जब्त, नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम

अवैध सॉफ्टवेयर और कोडिंग के जरिए साइबर अपराध को हवा देने वाले इस शातिर आरोपी के पास से पुलिस ने कई महंगे डिजिटल उपकरण और गैजेट्स बरामद किए हैं, जिन्हें जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है:

  • 01 एप्पल मैक (MacBook) लैपटॉप
  • 01 लेनोवो (Lenovo) लैपटॉप
  • 01 हाई-स्पीड एसएसडी (SSD) कार्ड
  • 01 एप्पल आईफोन (iPhone)

इस सफल ऑपरेशन में शामिल रही यह टीम

पूर्णिया पुलिस ने बताया कि इस जटिल और हाई-टेक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में साइबर थाना पूर्णिया के पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) मनीष चंद्र यादव, पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार आलोक, सिपाही सिंधु कुमार और पूर्णिया तकनीकी शाखा (Technical Cell) के जांबाज सिपाहियों सहित मेरठ पुलिस का विशेष और सराहनीय सहयोग रहा. गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध एपीआई नेटवर्क के तार देश के और किन-किन राज्यों या बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं.

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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