पूर्णिया. छात्र नेता अभिषेक आनंद ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरइ) 4.0 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. लोकतंत्र में युवाओं को अपनी जायज़ मांगों को रखने का अधिकार है शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से अधिसूचना जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. उनकी आवाज़ सुनने के बजाय बल प्रयोग करना संवेदनशीलता और संवाद की भावना के विपरीत है.
शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा
पूर्णिया
