पूर्णिया. पूर्णिया महिला महाविद्यालय में महाविद्यालय का 57वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अनंत प्रसाद गुप्ता ने की. इस अवसर पर महाविद्यालय के वार्षिक न्यूज लेटर ‘संवाद’ का लोकार्पण भी किया गया. छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
कुलपति ने कहा, छात्राओं की उपलब्धियों से बनती है संस्थान की पहचान
कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि पूर्णिया महिला महाविद्यालय लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने शिक्षकों और छात्राओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय महाविद्यालय की प्रगति में सहयोगी की भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. कुलपति ने कहा कि एक बालिका के शिक्षित होने से उसका परिवार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियां और समाज भी शिक्षित होता है. उन्होंने छात्राओं से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय की पहचान केवल भवन और उपलब्ध संसाधनों से नहीं होती. संस्थान की वास्तविक पहचान छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों, परीक्षा परिणाम, सहभागिता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से बनती है.
प्राचार्य ने प्रस्तुत किया वार्षिक लेखा-जोखा
प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अनंत प्रसाद गुप्ता ने महाविद्यालय की वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. उन्होंने महाविद्यालय की विकास यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पूर्णिया महिला महाविद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की छात्राएं प्रशासनिक सेवा, शिक्षा, निजी क्षेत्र और बैंकिंग समेत विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रही हैं. प्राचार्य ने संस्थान में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और उच्च तकनीक से सुसज्जित प्रयोगशालाओं की जानकारी भी दी.
बीएड और वोकेशनल कोर्स शुरू कराने की मांग
प्राचार्य ने कहा कि पूर्णिया महिला महाविद्यालय में छात्राओं के लिए शिक्षा शास्त्र यानी बीएड की पढ़ाई की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने विभिन्न वोकेशनल कोर्स की जानकारी देते हुए बताया कि इनके लिए विश्वविद्यालय से अनुमोदन प्राप्त किया जाना आवश्यक है. संबंधित पाठ्यक्रमों की स्वीकृति के लिए विश्वविद्यालय से मांग की गयी है.
उन्होंने कुलपति को भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय की ओर से महाविद्यालय को सौंपे जाने वाले परीक्षा, मूल्यांकन, शैक्षणिक गतिविधियों और खेल कैलेंडर से संबंधित सभी कार्यों में महाविद्यालय की ओर से पूरा सहयोग दिया जाता है.
शिक्षकों और कर्मचारियों ने किया स्वागत
स्थापना दिवस समारोह के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह एवं प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अनंत प्रसाद गुप्ता का अंगवस्त्र और पौधा देकर स्वागत किया. अर्थशास्त्र विभाग के सहायक अध्यापक डॉ. प्रमोद कुमार ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखे.
छात्राओं ने प्रस्तुत की महाविद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा
कार्यक्रम में छात्राओं की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गयीं. सामूहिक गान स्तुति कुमारी, प्रियंका कुमारी, निशा कुमारी, शिवानी कुमारी, नंदनी कुमारी, वर्षा कुमारी, राखी कुमारी और शिल्पी कुमारी ने प्रस्तुत किया. महाविद्यालय की वर्ष 1970 से 2026 तक की ऐतिहासिक यात्रा का प्रस्तुतीकरण छात्रा समृद्धि सिंह ने किया. वहीं भूमि नंदी ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया.
सामा चकेवा और राजस्थानी लोक नृत्य ने मोहा मन
लोक संस्कृति पर आधारित सामा चकेवा नृत्य भूमि नंदी, मेघा स्वर्णकार, अनुपम कुमारी, रिचा कुमारी और प्रकृति कुमारी ने प्रस्तुत किया. राजस्थानी लोक नृत्य में भाव्या शहादतपुरी, आरती कुमारी, साक्षी, प्रिया और बंटी ने भाग लिया. एक अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुति में दिव्यांशी सिंह, साक्षी कुमारी, जया, आफरीन, सुहानी, प्रिया, साक्षी सिंह, रश्मि सिंह, रिया, रश्मि कुमारी और मधु कुमारी शामिल रहीं. इस प्रस्तुति के माध्यम से छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की वेशभूषा और भाषाओं से परिचित कराया.
मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. शिवी तिवारी और डॉ. प्रेरणा ने किया. समारोह के अंत में हिंदी की सहायक अध्यापिका डॉ. प्रेरणा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.
शिक्षक और कर्मचारी रहे मौजूद
समारोह में डॉ. राकेश रोशन सिंह, डॉ. संजय कुमार दास, कुमार गौरव, मीना कुमारी रजक, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. रुचि गौर, डॉ. अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. स्नेहा, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. चिन्मय मोहंती, डॉ. अनामिका, डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. मसूद अली देवान, डॉ. अंशु प्रिया, डॉ. अनीता मिश्रा, डॉ. प्रेरणा प्रिया, डॉ. आरजू आरा, डॉ. मिताली मीनू, डॉ. भूपेंद्र प्रसाद, डॉ. गरिमा मिश्रा, डॉ. सतीश कुमार साहा, अंजनी श्रीवास्तव, निर्मल कुमार, राजीव रंजन सिंह, दीपक कुमार, जुली कुमारी, सोनी कुमारी, शंभू पंडित, अमित कुमार, रोहित कुमार, अनिकेश आनंद, निर्मल पासवान, सौरभ कुमार और पवन कुमार झा समेत अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे.