पिता ने मोबाइल दिलाने से किया इनकार, तो 12 साल के मासूम ने लगाई फांसी, GMCH में हालत नाजुक

Suicide Attempt: पूर्णिया जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन की जिद को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पिता द्वारा नया मोबाइल खरीद कर नहीं देने से नाराज होकर एक 12 वर्षीय मासूम बच्चे ने घर के भीतर फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की. बच्चे को गंभीर हालत में जीएमसीएच (GMCH) पूर्णिया में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.

पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट

Suicide Attempt: स्मार्टफोन और मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर किस कदर हावी हो रही है, इसका एक खौफनाक उदाहरण पूर्णिया जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंटी हसेली गांव में देखने को मिला है. यहाँ सोमवार को एक 12 साल के बच्चे ने सिर्फ इसलिए आत्मघाती कदम उठा लिया क्योंकि उसके पिता ने उसे मोबाइल फोन दिलाने से मना कर दिया था. परिजनों द्वारा तत्परता दिखाते हुए बच्चे को फंदे से नीचे उतारा गया और तुरंत इलाज के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया ले जाया गया. अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में भर्ती बालक की स्थिति अत्यंत नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है.

धान काटने गए थे पिता, पीछे से मासूम ने कमरे में लगा लिया फंदा

इस दर्दनाक घटनाक्रम और पारिवारिक पृष्ठभूमि का सिलसिलेवार विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से सामने आया है:

  • मोबाइल फोन के लिए की थी जिद: पीड़ित बालक की पहचान खूंटी हसेली निवासी मो. सरफराज के 12 वर्षीय पुत्र मो. गुलफराज के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक, गुलफराज पिछले कुछ दिनों से अपने पिता से एक नया मोबाइल फोन खरीद कर देने की लगातार जिद कर रहा था.
  • आर्थिक तंगी और पिता का इनकार: पेशे से मजदूर पिता ने परिवार की आर्थिक तंगी और बच्चे की कम उम्र को देखते हुए फिलहाल मोबाइल दिलाने से असमर्थता जताई थी. पिता ने बच्चे को दुलारते हुए समझाने-बुझाने की कोशिश भी की कि पैसे होने पर वे बाद में फोन दिला देंगे.
  • नाराजगी में उठाया आत्मघाती कदम: पिता रोज की तरह अपनी मजदूरी करने और खेत में धान काटने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले, यह बात मासूम गुलफराज को इतनी नागवार गुजरी कि उसने गुस्से में आकर घर के एक सूने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और छत के सहारे फांसी के फंदे से झूल गया.

मां के चीखने पर दौड़े पड़ोसी, घर में मचा कोहराम

ऐन वक्त पर बची जान: घटना के वक्त घर के आंगन में काम कर रही बच्चे की मां को जब कमरे के अंदर से कोई आहट नहीं मिली और दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई. खिड़की से झांकने पर बच्चे को फंदे से लटका देख मां जोर-जोर से चिल्लाने और रोने लगी. महिला की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के ग्रामीण और पड़ोसी दौड़ते हुए घर के भीतर दाखिल हुए. ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कमरे का दरवाजा तोड़ा और फंदे पर लटके तड़प रहे बच्चे को अविलंब नीचे उतारा.

बाल रोग विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज जारी, डॉक्टर बोले- अगले 48 घंटे अहम

अस्पताल की स्थिति और डॉक्टरों का वक्तव्य:

मासूम को फंदे से लटकता देख पूरे परिवार में कोहराम मच गया और आनन-फानन में बिना समय गंवाए उसे स्थानीय स्तर से प्राथमिक उपचार दिलाते हुए पूर्णिया जीएमसीएच रेफर कराया गया. अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों और बाल रोग विशेषज्ञों की टीम बच्चे को वेंटिलेटर/ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है. डॉक्टरों के अनुसार, फंदे पर लटकने के कारण सांस नली और गर्दन पर गहरा असर पड़ा है, इसलिए अगले 48 घंटे बच्चे की सेहत के लिए बेहद नाजुक हैं.

इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. मनोचिकित्सकों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों में मोबाइल के प्रति बढ़ती लत को लेकर सतर्क रहें और उनके व्यवहार में आने वाले चिड़चिड़ेपन या जिद को काउंसलिंग व प्यार के जरिए दूर करने का प्रयास करें, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम को ऐसे आत्मघाती कदम उठाने से रोका जा सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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