आतंकवाद के खात्मा के बगैर सीजफायर का निर्णय स्वीकार्य नहीं : सांसद

आतंकवाद के खात्मा के बगैर

पूर्णिया. तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर सांसद पप्पू यादव ने अपनी नाराजगी जतायी है और कहा है कि जिस देश की सेना आतंकवादियों के सहारे जीती हो, उसकी पंचायत अमेरिका कैसे कर सकता है?. हमें पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं करनी चाहिए. यह सही है कि गोला-बारूद जंग का समाधान नहीं होता. लेकिन हम आतंकवादियों की सरकार भी नहीं रहने देंगे. जो देश आतंकवादियों के सहारे जीता है, उससे सीजफायर की बात करना बेमानी है. हमें हर हाल में पीओके ले लेनी चाहिए. सांसद श्री यादव रविवार को अर्जुन भवन में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. पप्पू यादव ने भारत के पाकिस्तान पर प्रहार के बीच सीजफायर की घोषणा का जम कर विरोध किया और कहा कि यहां चुनाव की बात नहीं है बल्कि मुल्क के सम्मान की बात है. आज मुल्क की एक ही आवाज है, हमें पीओके दो. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की जनता हमारे देश से अधिक आतंकवदियों से परेशान है. अमेरिका के राष्ट्रपति की बात पर हम सीजफायर की घोषणा कर देते हैं. अखिर ऐसी क्या वजह है कि आतंकवादी समर्थित देश से लड़ने की हम हिम्मत नहीं जुटा पाये. जबकि हमारी सेना पूरी दुनिया के फौज से लड़ने में सक्षम है. आतंकवाद के खात्मा के बगैर सीजफायर का निर्णय स्वीकार नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में देश के पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को याद करनी चाहिए. तत्कालीन परिस्थिति में इंदिरा गांघी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े पर बांग्लादेश बनाया था. सुरक्षा का सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि खुफिया रिपोर्ट मिलने के बावजूद केंद्र सरकार ने पहलगाम में सुरक्षा के प्रबंध नहीं किये. इस घटना से 6 वर्ष पूर्व पुलवामा में हुए घटना में भी खुफिया रिपोर्ट को नजरअंदाज किया गया. पुलवामा की घटना में शामिल आतंकवादी को अब तक सजा नहीं मिली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ARUN KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >