तनाव दूर करने के लिए अपनाया हंसने का मूलमंत्र

वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर योग विज्ञान संस्थान में योगार्थियों के बीच खुश रहने और ठहाके लगाकर हंसने के फायदों पर विस्तार से चर्चा हुई

पूर्णिया. वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर योग विज्ञान संस्थान में योगार्थियों के बीच खुश रहने और ठहाके लगाकर हंसने के फायदों पर विस्तार से चर्चा हुई. स्थानीय जिला स्कूल परिसर में प्रतिदिन की भांति रविवार को भी प्रातः निर्धारित समय पर योग कक्षा की शुरुआत हुई. जिसमें योगासन और अन्य योग क्रियाओं के पश्चात ठहाकों का दौर शुरू हुआ. सभी ने लगातार ठहाके लगाए और इसके बाद खुश रहने और खुलकर हंसने के फायदों पर चर्चा की गयी. चर्चा में यह बात उभर कर सामने आई कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दिन की शुरुआत चेहरे पर मुस्कान के साथ करनी चाहिए. मुस्कुराता हुआ चेहरा सभी को अच्छा लगता है. वहीँ लोगों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सभी की जिन्दगी में अपनी अपनी अलग तरह की समस्याएं हैं जिसके निराकरण में सभी लगे ही रहते हैं. इसके तनाव की जगह हंसने और ठहाके लगाने के प्रयास के साथ यदि समस्याओं के निदान ढूंढें जाएँ तो संभव है कि बगैर तनाव के ही बेहतर समाधान निकल आये. बच्चों के भविष्य की चिंता पर छिड़ी बहस पर भी लोगों ने उनके अन्दर के बचपन को ज़िंदा रखने और उनपर अपनी अपेक्षाओं के बोझ को बढाने की खिलाफत की और कहा कि बच्चे अगर स्वस्थ, तंदुरुस्त और सही सलामत रहेंगे तभी तो वे अपना भविष्य खुद गढ़ेंगे. इस मौके पर हर प्रकार के तनाव को दूर भगाने के लिए लोगों ने, हंसने और ठहाके लगाने के मूल मन्त्र को अपनाने और दूसरों की जिन्दगी में भी खुशियां बिखेरने के संकल्प के साथ सभी को लाफ्टर डे की शुभकामनाएं दी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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