अमौर. अमौर प्रखंड के आमगाछी पंचायत के गड़हरा गांव में प्रशासन ने एक अनाधिकृत गोदाम से 67 बैग उर्वरक जब्त किया है. कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक रंजन कुमार के नेतृत्व में यह छापेमारी की गयी. कालाबाजारी की मंशा से यह भंडारण किये जाने की बात सामने आयी है. वहीं थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि कृषि समन्वयक ने आवेदन दिया है . इसमें मामला दर्ज कर आगे कार्यवाही शुरू कर दी गई है. जानकारी के अनुसार, कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक रंजन कुमार को सूचना मिली थी कि गड़हरा गांव में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण कर कालाबाजारी की जा रही है. सूचना के आधार पर निरीक्षक ने पुलिस बल के साथ बिलाल आजम के घर के पास स्थित एक झोपड़ीनुमा गोदाम में छापेमारी की. इसमें जांच के दौरान गोदाम में यूरिया 47 बैग, डीएपी 1 बैग, एनपीके 18 बैग, कुबरा (बीएससी) 1 बैग समेत कुल 67 बोरा उर्वरक पाया गया. जब संचालक से संबंधित कागजात और लाइसेंस की मांग की गई, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. उर्वरक निरीक्षक ने बताया कि बिना अनुज्ञप्ति के खाद का भंडारण करना उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन है. यह सीधे तौर पर कालाबाजारी और अवैध बिक्री की मंशा को दर्शाता है. इस संबंध में अमौर थाना में बिलाल आजम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. उसके बाद बरामद खाद को स्थानीय अनुज्ञप्तिधारी विक्रेता मेसर्स दिलकश एग्रो सेंटर के संचालक मो. नाजिम को जिम्मेनामा पर सौंप दिया गया है. वही थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि कृषि समन्वयक के द्वारा आवेदन दिया गया है जिसमें मामला दर्ज कर आगे कार्यवाही शुरू कर दी गई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है