पूर्णिया : शहर के रामबाग स्थित रामजतनजी नगर मोहल्ले के लोग पिछले 15 वर्षों से कच्ची सड़क पर चलने को विवश हैं. बरसात के मौसम में टापू बन जाने वाले शहर के इस मुहल्ले पर अब तक नगर निगम की नजर ए इनायत नहीं हो सकी है जबकि इस मौसम में यहां के लोग अपने-अपने घरों में कैद हो जाते हैं. स्कूली बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है.
इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाती है. इस मुहल्ले में घर-घर 3 से 4 फिट पानी घुस जाता है. बारिश के समय यदि किसी घर में खाना बनाने वाला गैस खत्म हो जाता है तो उस दिन लोगों को भूखे ही रहना पड़ता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के समय यह मोहल्ला बाढ़ क्षेत्र जैसा हो जाता है. इस दौरान आवाजाही पूरी तरह से ठप हो जाती है.
कच्ची सड़क अभी भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है. बड़ी परेशानी तो यह है कि कच्ची सड़क भी उबड़-खाबड़ है जिस पर आये दिन मोटरसाइकिल वाले गिर रहे हैं. स्थानीय लोगों की माने तो यह मुहल्ला वर्ष 2005 में आबाद हुआ था जहां धीरे-धीरे घनी आबादी हो गई. मगर, विडम्बना है कि नगर निगम से अभी तक कोई सुविधा नहीं मिल सकी है. हालांकि लोगों ने बताया कि सड़क बनाने के लिए महापौर से आश्वासन जरूर मिला है.
कहते हैं स्थानीय नागरिक
मुहल्ले में सड़क की समस्या तो सबसे बड़ी है ही लेकिन शुद्ध पेयजल की समस्या भी बनी हुई है. यहां के लोग आयरन युक्त पानी पीने को मजबूर हैं. मुहल्ले में हर घर नल योजना दूर-दूर तक नजर नहीं आती है. लोग डब्बा वाला पानी पीने को मजबूर है पर डब्बा वाला पानी भी शुद्ध नहीं आ रहा है.
रुकमणी देवी
रामजतनजी नगर में सबसे बड़ी समस्या सड़क की है. कच्ची सड़क रहने के कारण आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है. बारिश के समय यह मुहल्ला टापू बन जाता है. स्कूली बच्चों की स्कूल जाना बंद हो जाता है. दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात में भयावह स्थिति हो जाती है.
