पूर्णिया : नैक मूल्यांकन को लेकर कॉलेजों की स्थिति लचर रहने की वजह से सूबे के विश्वविद्यालयों में पूर्णिया विश्वविद्यालय नौवें पायदान पर है. 12 विश्वविद्यालयों में पूर्णिया विवि से नीचे बीएनएमयू, मुंगेर विवि और दरभंगा संस्कृत विवि हैं.
यह स्थिति केवल अंगीभूत महाविद्यालयों की वजह से है. अगर संबद्ध महाविद्यालयों का आंकड़ा जारी हो तो पूर्णिया विवि निचले पायदान पर खिसक सकता है. जानकारी के मुताबिक पूर्णिया विवि के अधीन 13 अंगीभूत महाविद्यालय हैं.
इनमें से केवल पूर्णिया कॉलेज और एमएलआर्य कॉलेज को अभी नैक की ग्रेडिंग हासिल है. शेष 11 महाविद्यालय को नैक का मूल्यांकन हासिल करना आवश्यक है. इस तरह से नैक मूल्यांकन में पूर्णिया विवि की उपलब्धि केवल 15 फीसदी है. जबकि पूर्णिया विवि के करीबी विश्वविद्यालय एलएनएमयू की उपलब्धि 65 फीसदी है.
तीन कॉलेजों ने अपलोड किया है एसएसआर : जानकारी के अनुसार नैक मूल्यांकन की दिशा में शेष 11 अंगीभूत महाविद्यालय में से केवल तीन कॉलेज ने एसएसआर अपलोड किया है.
इनमें पूर्णिया महिला महाविद्यालय, डीएस कॉलेज कटिहार व फॉरबिसगंज कॉलेज शामिल हैं. पूर्णिया महिला महाविद्यालय को पूर्व में नैक का ग्रेड मिल चुका है और वह नये सिरे से नवीकरण का प्रयास कर रहा है. शेष आठ अंगीभूत महाविद्यालय अभी नैक मूल्यांकन के लिए जरूरी एसएसआर भी नहीं तैयार कर पाए हैं.
राजभवन ने दिसंबर तक की दी है मोहलत : राजभवन की ओर से भी बिना नैक मूल्यांकन के कॉलेजों के संचालन पर गहरी चिंता जतायी गयी है. राजभवन ने पूर्णिया विवि समेत सभी विश्वविद्यालयों को दिसंबर तक की मोहलत दी है.
इस दौरान हर हाल में कॉलेजों को नैक का मूल्यांकन करा लेने के लिए कहा गया है. दिसंबर तक नैक मूल्यांकन की स्थिति में सुधार नहीं होने की स्थिति में राजभवन ने आवश्यक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है. जानकारों की मानें तो नैक मूल्यांकन की अनदेखी करने पर कॉलेज में ताला भी लटक सकता है.
तकनीकी सहयोग के लिए विवि प्रशासन तत्पर : कुलपति
नैक मूल्यांकन के संदर्भ में पूर्णिया विवि के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने बताया कि कॉलेजों को तकनीकी समेत हर संभव सहयोग के लिए विश्वविद्यालय तैयार है.
जिन कॉलेजों को नैक मूल्यांकन कराना है, उन सभी से कहा गया है कि अगर एसएसआर वगैरह तैयार करने में दिककत आ रही है तो वे विश्वविद्यालय के तकनीकी सेल की मदद ले सकते हैं. मगर इतना तय है कि निर्धारित अवधि में नैक का कार्य पूरा कर लें वरना विश्वविद्यालय को भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे.
गुणवत्ता का मानक नैक मूल्यांकन
मूल्यांकन एवं प्रत्यायन को मूलतः किसी भी शैक्षिक संस्था की गुणवत्ता की स्थिति को समझने के लिए प्रयोग किया जाता है. वास्तव में यह मूल्यांकन यह निर्धारित करता है कि कोई भी शैक्षिक संस्था या विश्वविद्यालय प्रमाणन एजेंसी की ओर से निर्धारित गुणवत्ता के मानकों को किस स्तर तक पूरा कर रहा है.
गुणवत्ता के मानदंड
शैक्षिक प्रक्रियाओं में संस्था का प्रदर्शन, पाठ्यक्रम चयन एवं कार्यान्वयन, शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन तथा छात्रों के परिणाम, संकाय सदस्यों का अनुसंधान कार्य एवं प्रकाशन, बुनियादी सुविधाएं तथा संसाधनों की स्थिति, संगठन, प्रशासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति तथा छात्र सेवाएं आदि गुणवत्ता के मानदंड में शामिल हैं.
