भूकंपरोधी भवन निर्माण का प्रशिक्षण

रानीपतरा : पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रखंड परिसर में चल रहे सात दिवसीय भूकंपरोधी भवन निर्माण प्रशिक्षण के चौथे दिन सोमवार को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण प्रभारी सपना कुमारी मेंसन ट्रेनर पवन कुमार ट्रेनिंग इंजिनीयर फरहान ने प्रशिक्षण में शामिल सभी तीस राजमिस्त्री को केट्रोल पिलर बनाने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दीवाल […]

रानीपतरा : पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रखंड परिसर में चल रहे सात दिवसीय भूकंपरोधी भवन निर्माण प्रशिक्षण के चौथे दिन सोमवार को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण प्रभारी सपना कुमारी मेंसन ट्रेनर पवन कुमार ट्रेनिंग इंजिनीयर फरहान ने प्रशिक्षण में शामिल सभी तीस राजमिस्त्री को केट्रोल पिलर बनाने की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि दीवाल को मजबूत करने के लिए ईंट को उपयोग में लाने से पहले 4 से 6 घंटे तक पानी में रखना अनिवार्य है. ईंट को पानी में रखने के लिए हॉज बनाने का तरीका भी बताया गया.
मकान बनाने हेतु 3:4:5 से टेक्निकल ले-आउट करके आसानी से घर के गुनिया मिलाना सिखाया गया. प्रशिक्षण प्रभारी सपना कुमारी ने बताया कि पूर्णिया भूकंप जॉन 4 में आता है इसलिए दिवाल की जोड़ाई का मशाला 1-4 में एवं आरसीसी का काम एक डेढ़ तीन के कंक्रीट से ढलाई करना चाहिए भूकंपरोधी भवन निर्माण के लिए भवन के सारे भाग को अच्छी तरह से एक साथ बांधना सबसे महत्वपूर्ण है.
ज्ञात हो कि ज्यादातर राजमिस्त्री को ये मालूम ही नहीं है. ज्यादातर मिस्त्री ईंट को पानी में फूलने नहीं देता है. जिसके वजह से जब वो दो ईंट के बीच जब मसाला देता है तो ईंट तुरंत मसाले के पानी को सोख लेता है. जिस कारण दीवाल की पकड़ बहुत मजबूत नहीं हो पाती है. इसमें एक बीम के छड़ को दूसरे बीम के छड़ का 50 डी एल कर सिखाया गया. साथ ही स्टब फाउन्डेशन के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई. प्रखंड पूर्णिया पूर्व के चयनित 29 राजमिस्त्री उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं. यह प्रशिक्षण 11 जुलाई तक चलेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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