परिवहन निगम के बहाने थाना चौक को शहर का हार्ट बनाने की योजना खटाई में

पूर्णिया : पथ परिवहन निगम के बहाने थाना चौक को शहर का हार्ट बनाने की योजना पूरी तरह से खटाई में चली गयी है. आलम यह है कि निगम के परिसर में न तो अत्याधुनिक बस पड़ाव अस्तित्व में आया और न ही सरकारी मॉल खोले जाने की योजना कागज से धरातल पर उतर पायी. […]

पूर्णिया : पथ परिवहन निगम के बहाने थाना चौक को शहर का हार्ट बनाने की योजना पूरी तरह से खटाई में चली गयी है. आलम यह है कि निगम के परिसर में न तो अत्याधुनिक बस पड़ाव अस्तित्व में आया और न ही सरकारी मॉल खोले जाने की योजना कागज से धरातल पर उतर पायी.

दशक के शुरुआत में योजना चर्चा में आयी मगर दशक बीतने के कगार पर है, फिर भी योजना को ठंडे बस्ते में डालकर रखा गया है. जबकि थाना चौक स्थित निगम का परिसर धीरे-धीरे धरनास्थल बनता जा रहा है.
जब थाना चौक पर धरना दे रहे संगठनों की संख्या बढ़ जाती है तो कुछ संगठन निगम के परिसर में आकर धरना देने लगते हैं.
निगम के परिसर में सरकारी मॉल खोले जाने की योजना के संबंध में पूछे जाने पर सहायक यात्री प्रबंधक शंभुनाथ मिश्रा ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने की वजह से वे अभी किसी योजना के बारे में बयान नहीं दे पायेंगे चाहे योजना पुरानी ही क्यों न हो.
3 एकड़ 67 डिसमिल परिसर को संवारने की योजना : शहर के थाना चौक पर पथ परिवहन निगम को 3 एकड़ 67 डिसमिल परिसर है. जब स्मार्ट सिटी का कंसेप्ट नहीं आया था तभी थाना चौक के कायाकल्प की ओर प्रशासन का ध्यान दिया गया. इस सिलसिले में निगम के परिसर का इस्तेमाल कर थाना चौक को संवारने की योजना पर विचार किया गया.
प्रारंभिक प्रक्रिया में पथ परिवहन निगम पटना की ओर से इस बारे में सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान भी कर दी गई मगर उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया.
निगम के बस पड़ाव को चालू करने की थी योजना :इस योजना के तहत निगम के थाना चौक स्थित बस पड़ाव को चालू करने की रणनीति बनी थी. यह बस पड़ाव कई दशक से बेकार पड़ा है. जबकि बस पड़ाव से सटे निगम का डीपो भी है.
इसके बाद भी इस बस पड़ाव को चालू नहीं किया जा सका है. अभी भी बस स्टैंड स्थित सरकारी पड़ाव से ही सरकारी बसों का आना-जाना होता है, जबकि वहां यात्री सुविधाएं बिल्कुल नदारद है.
योजना में देरी से मधुबनी क्षेत्र का भी विकास हुआ प्रभावित
थाना चौक पर मॉल संस्कृति विकसित करने की योजना में देरी की वजह से शहर के सबसे पुराने इलाके मधुबनी क्षेत्र का विकास भी प्रभावित हुआ है. वर्तमान में मधुबनी बाजार बेतरतीब तरीके से विकसित हो रहा है. निजी तरीके से ही यहां कारोबार और कारोबारियों में वृद्धि हुई है. मगर सुनियोजित विकास में प्रशासनिक दिलचस्पी का अभाव है.
बाजार में सूई से लेकर बाइक तक उपलब्ध है, मगर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. उपेक्षा का आलम यह है कि बाजार के नालों एवं गंदगी की नियमित सफाई में निगम भी रूचि नहीं लेता है. हालांकि बाजारवासियों का मानना है कि हवाई सेवा शुरू होने के बाद थाना चौक समेत पूरे मधुबनी बाजार का विकास लाजिमी हो जाएगा.
दो करोड़ की लागत से तैयार होता मॉल
योजना के मुताबिक थाना चौक के निगम के बस पड़ाव का कायाकल्प करते हुए विशाल बस पड़ाव बनाया जाता. बस पड़ाव के प्रथम तल से ऊपर तक के हिस्से को मॉल में तब्दील कर दिया जाता.
मॉल के निर्माण के लिए उस वक्त 2 करोड़ की योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई थी. बाद में मामला डीपीआर तक जाते-जाते फंस गया. उसके बाद से इस महत्वाकांक्षी योजना पर किसी का भी ध्यान नहीं गया.
हवाई सेवा शुरू होने की सुगबुगाहट से योजना पर हुआ था विचार: जानकारी के मुताबिक पूर्णिया में हवाई सेवा शुरू होने की सुगबुगाहट के बीच प्रशासनिक स्तर पर थाना चौक को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था.
इसका मकसद था कि जब टूरिस्ट शहर में प्रवेश करें तो प्रवेश द्वार पर ही उन्हें स्मार्ट सिटी का अहसास हो जाये. असल में थाना चौक एनएच 107 पर अवस्थित है. इसी मार्ग के बगल में चूनापुर में हवाई अड्डा है. प्रवेश द्वार पर स्मार्ट सिटी का अहसास कराने की मंशा से ही थाना चौक के बगल में गिरजा चौक पर राजेन्द्र बाल उद्यान का नये सिरे से कायाकल्प किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >