विकास वर्मा, पूर्णिया : नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों के लिए जल्द ही अच्छे दिन आने वाले हैं. शहरवासियों को बहुत जल्द जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिल जायेगी. शहर में ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके लिए 85406 मीटर से अधिक लंबा ड्रेनेज बनाये जाने की योजना है.
पूरे शहर की नालियों को एक -दृसरे नालियों जोड़ा जायेगा ताकि पानी बाहर निकल सके. इस प्रोजेक्ट पर कुल 667.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसका डीपीआर बनकर तैयार है. अब सिर्फ विभाग के पास फाइल भेजा जायेगा जहां हरी झंडी मिलते ही नगर निगम क्षेत्र में कार्य शुरू हो जाएगा.
शहर के मुख्य नाले का पूर्व में बुडको द्वारा सर्वेक्षण किया गया था. यह दो फेज में बनना है. फेज-1 में 49120.72 मीटर ड्रेनेज बनेगा. इसकी लागत 273.49 करोड़ रुपये होगी जबकि फेज-2 में 36285.68 मीटर नाला बनेगा. इसपर 394.34 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. निगम इस पर तेजी से काम कर रहा है.
शहर में ड्रेनेज का अब तक का यह सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. चारों दिशाओं की पानी निकासी के लिए वृहत योजना बनाई गयी है ताकि शहर से पानी आसानी से बाहर निकल सके और जल जमाव की समस्या उत्पन्न न हो. बाहर जहां पानी निकलेगा वहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जायेगा. इससे परंपरागत जल स्रोतों के अलावा ग्राउंड वाटर प्रदूषित नहीं होगा.
शहर से निकलने के बाद पानी खेतों व नदी नालों में मिलेगा इसलिए इस पर भी जोर दिया जा रहा है. बारिश के अलावा नालियों का पानी शहर के भीतर ही खाली जगहों पर जमा रहता है. निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को इससे परेशानी होती है. बड़े नालों के बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जायेगी.
इन जगहों पर वर्षों से है समस्या
शहर के जयप्रकाश कॉलोनी, आनंदपुरी, शारदा नगर, महबूब खान टोला, बस स्टैंड, हाउसिंग कॉलोनी, मधुबनी, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, सिपाही टोला, गुलाबबाग, खुश्कीबाग, लाइन बाजार बाड़िहाट जैसे प्रमुख जगहों पर वर्षों से जल निकासी की समस्या है. बारिश होते ही सड़क तालाब बन जाती है.
आसपास के घरों में पानी घुसने लगता है. यहां के लोग वर्षों से जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग करते रहे हैं. बरसात के समय नालियों की ऐसी हालत बन जाती है कि देखने लायक नहीं रहता है. सड़क व नाली एक जैसा हो जाता है.
ड्रेनेज बनने से होगा लाभ
शहर में ड्रेनेज बन जाने से मधुबनी टीओपी थाना के सामने कच्ची नाले से मुक्ति मिल जाएगी. जो नाला खुला भी है. शहर के हाउसिंग कॉलोनी होते हुए गिरजा चौक तरफ गुजरने वाला नाली लालगंज नाला में मिल जाती है. ये सभी नाले का डीपीआर बन चुका है.
नागरिकों को जल्द मिलेगी जलजमाव से मुक्ति: महापौर
निगम क्षेत्र के लोगों को कोई असुविधा न हो इसके लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. शहरवासियों के लिए सबसे बड़ी समस्या जल जमाव की है. कुर्सी सम्हालते ही उनकी पहली कोशिश रही कैसे इस समस्या से निगम के नागरिकों को निजात दिलायें.
इसके लिए लगातार कोशिश जारी रही. इसी का नतीजा यह है कि शहर के ड्रेनेज बनाने के लिए डीपीआर बन कर तैयार हो गया है. जल्द ही विभाग के पास भेजा जायेगा. इस प्रोजेक्ट में 667.83 करोड़ की लागत आयेगी.
