ऑटो चालकों को अपने ऑटो पर रूट स्टीकर लगाना अनिवार्य होगा,
पूर्णिया : जिला प्रशासन ने शहर को जाम से मुक्त कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है. अब शहर और आसपास के इलाके में ऑटो के परिचालन के लिए रूट तय कर दिया गया है. प्रशासन ने रूट स्टीकर भी जारी कर दिया है. सभी ऑटो चालकों को अपने ऑटो पर रूट स्टीकर […]
पूर्णिया : जिला प्रशासन ने शहर को जाम से मुक्त कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है. अब शहर और आसपास के इलाके में ऑटो के परिचालन के लिए रूट तय कर दिया गया है. प्रशासन ने रूट स्टीकर भी जारी कर दिया है. सभी ऑटो चालकों को अपने ऑटो पर रूट स्टीकर लगाना अनिवार्य होगा, जो उसकी पहचान होगी. गुरुवार को ऑटो चालकों के बीच रूट स्टीकर का वितरण किया गया. पहले दिन 210 ऑटो चालकों ने अपने-अपने ऑटो पर रूट सटीकर लगाया और निर्धारित रूट पर ही ऑटो परिचालन का शपथ लिया.
गौरतलब है कि बिना किसी निर्धारित रूट के ऑटो परिचालित किये जाने से शहर में जाम की स्थिति बनी रहती थी और गाहे-बगाहे आपराधिक घटनाएं भी घटित होते रहती थी. कयास लगाये जा रहे हैं कि निर्धारित रूट पर ऑटो परिचालित होने से शहरी क्षेत्र को जाम से निजात मिल सकेगा.
400 से अधिक आवेदन, 210 ने लगाया स्टीकर. एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन शहर और आसपास के इलाके में दो हजार से अधिक ऑटो का परिचालन होता है. जिला प्रशासन के साथ जब ऑटो परिचालन के लिए रूट निर्धारित करने पर ऑटो चालक संघ से सहमति बनी तो उसके बाद रूट स्टीकर के लिए आवेदन की प्रक्रिया आरंभ हुई. इस प्रक्रिया में संघ के सदस्यों को भी शामिल किया गया. जानकारी के अनुसार अब तक 400 से अधिक ऑटो चालकों ने रूट स्टीकर के लिए आवेदन किया है. इसके लिए शुल्क के रूप में 100 रुपये जमा करना होता है. गुरुवार को पहले दिन 210 चालकों ने अपने ऑटो पर स्टीकर लगाया. हालांकि जितनी संख्या में ऑटो परिचालित हो रही है उस हिसाब से आवेदन करने वालों की संख्या नगण्य है. बिहार राज्य चालक संघ जिला इकाई के अध्यक्ष अमर पांडेय बताते हैं कि ऑटो चालकों को स्टीकर लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
ऑटो पड़ाव और नो इंट्री का निराकरण बाकी. ऑटो परिचालन के लिए रूट तो निर्धारित हो गया है और देर सबेर अधिकांश ऑटो चालकों का इस व्यवस्था से जुड़ना तय है, लेकिन केवल रूट निर्धारण से जाम की समस्या पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सकेगी. ऑटो चालक संघ लंबे समय से ऑटो चालकों के लिए प्रमुख चौक-चौराहे पर ऑटो पड़ाव की मांग करता रहा है. उनका कहना है कि नगर निगम ऑटो पड़ाव के एवज में शुल्क तो लेती है, लेकिन समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं कराती है. इसके अलावा सिक्स लेन पर चालक संघ नो इंट्री समाप्त करने की मांग भी करता रहा है. वहीं एक पहलू यह भी है कि ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना भाड़ा वसूला जाता है और विरोध करने पर दुर्व्यवहार आम बात है. ऐसे में भाड़ा निर्धारण भी जिला प्रशासन के लिए आनेवाले दिनों में चुनौती होगी.
शहर को जाम से मुक्त कराने की दिशा में प्रशासनिक कवायद तेज
ऑटो चालकों को अनिवार्य होगा वाहनों पर स्टीकर लगाना
स्टीकर लगाने के लिए वाहन चालकों को किया जा रहा जागरूक
ऑटो परिचालन के लिए 12 रूट हुए निर्धारित
जिला प्रशासन और ऑटो चालक संघ की सहमति से 12 रूट का निर्धारण हुआ है जिसकी शुरुआत नगर निगम क्षेत्र से होगी. खास बात यह है कि इस रूट पर चलने के लिए ऑटो चालकों को बाध्य नहीं किया गया है, बल्कि वे सुविधानुसार इस रूट पर अपने ऑटो का परिचालन करेंगे. हालांकि इस दौरान रूट निर्धारण को लेकर ऑटो चालकों में गुटबाजी भी नजर आयी, लेकिन अंतत: अधिकांश ऑटो चालक रूट पर परिचालन के लिए तैयार हो गये. निर्धारित रूट इस प्रकार हैं.
नगर सेवा(बस स्टैंड से जीरोमाइल)
बस स्टैंड से चैथरियापीर
गिरजा चौक से जगैली
गिरजा चौक से काझा
गिरजा चौक से केनगर
लाइन बाजार से गढ़बनैली
कटिहार मोड़ से सपनी
कटिहार मोड़ से रौतारा
गुलाबबाग जीरोमाइल से बेलगच्छी
गुलाबबाग जीरोमाइल से गढ़बनैली
खुश्कीबाग से गढ़बनैली
आरएन साव चौक से चूनापुर
यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की पहल
शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रूट का निर्धारण किया गया है. रूट का निर्धारण ऑटो चालक संघ की सहमति से ही हुआ है. ऐसे में ऑटो चालकों का दायित्व बनता है कि वे निर्धारित रूट और नियमों का पालन कर शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाये. इस व्यवस्था से अवैध रूप से ऑटो परिचालन पर भी विराम लगेगा. नियम कायदे का उल्लंघन किये जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी.
विकास कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, पूर्णिया