Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने शुक्रवार को पटना के पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार प्रशांत किशोर को चुनाव आयोग ने स्कूल का बस्ता चुनाव चिन्ह आवंटित किया है. उन्होंने कहा कि मतपत्र पर यह चुनाव चिन्ह क्रम संख्या 9 पर रहेगा.
चुनाव आयोग को सौंपा गया ज्ञापन
प्रेस वार्ता में मनोज भारती ने बताया कि पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन में चुनाव के दौरान सामने आए चार प्रमुख मुद्दों को उठाया गया है और चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की गई है.
मनोज भारती ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों में पटना के कई चौराहों पर प्रशांत किशोर से जुड़े असत्य और भ्रामक पोस्टर लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया है. इसी मुद्दे को पार्टी ने चुनाव आयोग के सामने प्रमुखता से रखा है.
पोस्टर और बैनर हटाने का भी लगाया आरोप
जन सुराज प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के पोस्टर और बैनर लोगों की अनुमति से उनके घरों पर लगाए गए थे. भाजपा के कार्यकर्ता इन्हें जबरन हटाकर वहां अपने झंडे और पोस्टर लगा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कई लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताते हैं, लेकिन पहचान पत्र मांगने पर वहां से चले जाते हैं. पार्टी ने इस पूरे मामले की शिकायत भी चुनाव आयोग से की है.
जीविका दीदियों के इस्तेमाल पर जताई चिंता
मनोज भारती ने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान कई जगहों पर मतदान के दिन जीविका दीदियों का इस्तेमाल बूथ के बाहर और कुछ स्थानों पर बूथ के अंदर भी किया गया था. उन्होंने मांग की कि इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न बने और चुनाव आयोग इस पर पहले से आवश्यक कदम उठाए.
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अर्धसैनिक बलों की भूमिका को लेकर भी उठाया सवाल
जन सुराज ने ज्ञापन में यह मुद्दा भी उठाया कि अर्धसैनिक बलों का काम बूथ के बाहर सुरक्षा व्यवस्था संभालना होता है. लेकिन पिछली बार कई जगहों पर उन्हें बूथ के अंदर ले जाकर दूसरे कार्य कराए गए. पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की कि ऐसी प्रक्रिया पर रोक लगे और सभी चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जा सके.
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