PM Surya Ghar Yojana: बिहार में सोलर पैनल लगाए जाने को लेकर मिशन मोड में काम किया जा रहा है. सरकार ने पहले चरण में राज्य के 2.50 लाख आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया है. इस बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि इसके लिए वे जीविका दीदियों की मदद ले सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने क्या दिया आदेश?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे लेकर आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्य पर तेजी से काम करें. जीविका दीदियों के माध्यम से 25 लाख सोलराइजेशन के लक्ष्य को पूरा करें. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महिलाओं, विशेषकर जीविका दीदियों को जोड़ें.
सीएम सम्राट ने यह भी कहा, सोलर पंप सहित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का लाभ किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें. जीविका से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के कार्य क्षेत्र के विस्तार को लेकर भी निर्देश दिया.
58 लाख गरीब परिवारों को फायदा
बिहार सरकार की योजना केवल ढाई लाख परिवारों तक सीमित नहीं है. आने वाले समय में राज्य के करीब 58 लाख गरीब परिवारों के घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य है. इस तरह से टारगेट को पूरा करने के लिए हर दिन 2000 घरों में सोलर पैनल लगाए जाने की प्लानिंग की गई है.
योजना से जुड़ी जानकारी के लिए यहां विजिट करें
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्रता, सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए pmsuryaghar.gov.in पर विजिट किया जा सकता है. अधिकारियों ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे योजना की जानकारी लेकर इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
98 हजार तक की मिल रही सब्सिडी
सामान्य बिजली उपभोक्ताओं को भी सोलर प्लांट लगाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है. तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के घरेलू सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है. इसके अलावा बिहार सरकार ने तीन किलोवाट के प्लांट पर 20 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया है. इस तरह पात्र उपभोक्ता को कुल 98 हजार रुपये तक का अनुदान मिल सकता है.
