PM Modi Cabinet Expansion: पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में सितंबर 2026 की शुरुआत में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है. बीजेपी के गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं. अगर बदलाव होता है तो बिहार के कई नेताओं की कुर्सी पर भी इसका असर पड़ सकता है. कुछ नेताओं के लिए यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है, तो कुछ नेताओं को केंद्र में मंत्री बनने की उम्मीद नजर आने लगी है. कैबिनेट में कौन रहेगा और किसे नई जिम्मेदारी मिलेगी, इसका फैसला आने वाले समय में ही साफ होगा.
मोदी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा क्यों?
केंद्रीय मंत्रिमंडल में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं. मौजूदा स्थिति में करीब 12 पद खाली बताए जा रहे हैं. ऐसे में इन खाली जगहों पर नए चेहरों को जगह देने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उनमें कुछ पर कार्रवाई हो सकती है. ज्यादा उम्र भी कुछ नेताओं के लिए परेशानी की वजह बन सकती है. युवा चेहरों को आगे लाने पर भी जोर दिए जाने की बात कही जा रही है.
युवाओं और महिलाओं को ज्यादा जगह मिलने की चर्चा
संभावित फेरबदल को 50 साल से कम उम्र वाले नेताओं और महिला चेहरों को आगे बढ़ाने की कोशिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि जेन जी यानी युवा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों के बढ़ते असर को देखते हुए भी सरकार कैबिनेट में कुछ बदलाव कर सकती है. अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी बातें अंतिम फैसले का हिस्सा बनेंगी.
बिहार से अभी 8 मंत्री मोदी सरकार में शामिल
फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में बिहार से 8 मंत्री हैं. इनमें 4 कैबिनेट मंत्री और 4 राज्य मंत्री शामिल हैं. कैबिनेट मंत्रियों में गिरिराज सिंह के पास कपड़ा मंत्रालय है. चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय संभाल रहे हैं. राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के पास पंचायती राज के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय है. वहीं जीतराम मांझी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय संभाल रहे हैं.
राज्य मंत्रियों में नित्यानंद राय गृह मंत्रालय, सतीश चंद्र दुबे कोयला और खान, रामनाथ ठाकुर कृषि एवं किसान कल्याण और राज भूषण चौधरी जल शक्ति मंत्रालय में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
बिहार में किन नेताओं को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा?
संभावित फेरबदल को लेकर बिहार के कुछ मौजूदा मंत्रियों के नाम भी चर्चा में हैं. इनमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे का नाम खास तौर पर लिया जा रहा है. गिरिराज सिंह की उम्र को देखते हुए चर्चा है कि उनकी जगह विवेक ठाकुर को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. सतीश चंद्र दुबे की जगह राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को मौका दिए जाने की बात कही जा रही है. जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी को लेकर भी बदलाव की चर्चा है. उनके कामकाज को लेकर सवाल उठने की बात कही जा रही है.
JDU में भी कैबिनेट बदलाव को लेकर हलचल
संभावित फेरबदल की चर्चा सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं है. जनता दल यूनाइटेड यानी JDU को लेकर भी नए समीकरण की बात सामने आ रही है. चर्चा है कि संजय झा सितंबर में होने वाले कैबिनेट विस्तार का हिस्सा बन सकते हैं. अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी JDU को दो मंत्री पद देने पर सहमत होते हैं, तो राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की कुर्सी पर खतरा नहीं होगा. लेकिन अगर JDU को सिर्फ एक मंत्री पद मिलता है, तो ऐसी स्थिति में ललन सिंह की जगह संजय झा को केंद्र में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है.
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नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद भी हुई थी चर्चा
पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान संजय झा को केंद्र में मंत्री बनाने के मुद्दे पर भी बात हुई थी. अब सबकी नजर सितंबर में होने वाले संभावित कैबिनेट बदलाव पर है. अगर फेरबदल होता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार से किन पुराने चेहरों को हटाया जाता है, किसे नई जिम्मेदारी मिलती है और किन नए नेताओं की केंद्र में एंट्री होती है.
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