Bihar News: बिहार में मुखिया की सहमति से पकड़े जायेंगे सुअर और नीलगाय, पंचायती राज विभाग ने दी अनुमति

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि जंगली जानवरों में नीलगाय (घोड़परास) और सुअरों के कारण किसानों और ग्रामीण के फसलों के साथ मानव जीवन को नुकसान पहुंचाया जाता है.

पटना. किसानों के फसल और उद्यान नष्ट करने के साथ मानव जीवन को क्षति पहुंचानेवाले जंगली जीवों को पकड़ने का काम अब मुखिया के अनुमति से वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा किया जायेगा. वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से इसको लेकर पंचायती राज विभाग से सहमति मांगी गयी थी. पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि विभाग की ओर से सहमति दे दी गयी है.

फसलों की क्षति पहुंचाने पर आवेदन मुखिया को दिया जायेगा

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि जंगली जानवरों में नीलगाय (घोड़परास) और सुअरों के कारण किसानों और ग्रामीण के फसलों के साथ मानव जीवन को नुकसान पहुंचाया जाता है. ऐसे में राज्य के सभी आठ हजार से अधिक पंचायतों के मुखिया को अधिकार दिया गया है कि वह फसल का नुकसान पहुंचानेवाले जंगली जानवारों को पकड़ने की अनुमति दे सकेंगे. उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा जंगली जानवरों से फसलों की क्षति या इंसानों के जान की क्षति पहुंचाने पर आवेदन मुखिया को दिया जायेगा.

मुखिया की अनुमति देने के बाद ही पकड़ने की कार्रवाई की जायेगी

मुखिया की अनुमति देने के बाद ही वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा उन पंचायतों के जंगली जानवरों के पकड़ने की कार्रवाई की जायेगी. मालूम हो कि राज्य के बहुत से जिलों में जंगली जानवरों द्वारा फसलों का नुकसान पहुंचाया जाता है. इसके कारण किसानों को लाखों की हानि होती है. पंचायती राज विभाग की अनुमति मिलने के बाद अब वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा अब आसानी से जंगली जानवरों को पकड़ा जा सकता है.

Also Read: Bihar Weather : 27 जनवरी के बाद से पूर्ण रूप से मौसम साफ होगा, तीन दिन और पड़ेगा कनकनी वाली ठंड

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >