पटना हाइकोर्ट में चार जनवरी से फिजिकल सुनवाई भी, एक दिन में सुने जायेंगे सिर्फ 25 मामले, वकीलों ने जतायी नाराजगी

अधिसूचना के अनुसार फिलहाल चार से 15 जनवरी तक प्रत्येक कोर्ट रूम में सोमवार, मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार को सिर्फ आपराधिक मामले की सुनवाई होगी, जबकि एक दिन गुरुवार को सिविल मामले की सुनवाई होगी.

पटना. आखिरकार पटना हाइकोर्ट चार जनवरी से फिजिकल सुनवाई करने को तैयार हो गया. इस संबंध में अधिसूचना जारी की गयी है.

अधिसूचना के अनुसार फिलहाल चार से 15 जनवरी तक प्रत्येक कोर्ट रूम में सोमवार, मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार को सिर्फ आपराधिक मामले की सुनवाई होगी, जबकि एक दिन गुरुवार को सिविल मामले की सुनवाई होगी.

हाइकोर्ट प्रशासन के अनुसार प्रत्येक कोर्ट रूम में सिर्फ 25 मुकदमे की सुनवाई आमने-सामने की जायेगी. कोर्ट दो शिफ्ट में चलेगा़ सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक .

पहले शिफ्ट में कम-से-कम 11 जज अपने यहां सूचीबद्ध मामलों की फिजिकल सुनवाई करेंगे, जबकि दूसरे शिफ्ट में 11 जज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई करेंगे .

सुनवाई की नयी व्यवस्था को लेकर वकीलों में आक्रोश

तीनों अधिवक्ता संघों के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा एवं लॉयर्स एसोसिएशन के सचिव राजीव कुमार सिंह ने कहा कि वकील अपने मामले पर कैसे बहस करेंगे यह एक समस्या उत्पन्न करने वाली व्यवस्था हाइकोर्ट प्रशासन द्वारा शुरू की जा रही है.

इन लोगों ने बताया कि अगर कोई वकील प्रथम पाली में अपने मामलों में हाइकोर्ट आकर फिजिकल सुनवाई में भाग लेता है, उसी वकील को अपने मामले की सुनवाई में दूसरी पाली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेना कठिन होगा.

पहले वकीलों को कोर्ट आकर फिजिकल कोर्ट में बहस करनी होगी और बाद में अपने घर जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में भाग लेना होगा. इससे वकीलों को काफी परेशानी होगी.

हर वकील के पास ऐसी व्यवस्था नहीं है कि वह हाइकोर्ट से ही विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने मामलों की सुनवाई में भाग ले सके. इसके लिए उसे घर जाना ही होगा.

हाइकोर्ट प्रशासन द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गयी है, ताकि वकील हाइकोर्ट से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने मामले की सुनवाई में भाग ले सकें.

इस बात पर भी ध्यान देना है कि अदालत में किसी भी हालत में भीड़ ना लगे और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूर्ण रूप से पालन हो.

Posted by Ashish Jha

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