Sugar Price Hike :पटना में त्योहारों से पहले चीनी और जरूरी खाद्य सामान की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पटना की बड़ी किराना मंडी दलदली में पिछले करीब 10 दिनों में चीनी के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. जिस खुली चीनी की कीमत पहले 45 से 48 रुपये प्रति किलो के आसपास थी, वह अब बढ़कर 68 रुपये किलो तक पहुंच गई है. वहीं ब्रांडेड पैकेट वाली चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है.
चीनी के साथ गुड़ के दाम में भी तेजी आई है. पहले करीब 55 रुपये किलो बिकने वाला गुड़ अब 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है. त्योहारों के मौसम में मिठाई, चाय और घर में बनने वाले दूसरे पकवानों में चीनी और गुड़ की खपत बढ़ जाती है. ऐसे में अचानक बढ़े दाम का सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है.
चाय और मिठाई की खपत पर भी असर
चीनी की कीमत बढ़ने के बाद लोगों ने रोजमर्रा की खपत कम करनी शुरू कर दी है. कई परिवारों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण उन्हें घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है. कुछ लोगों ने बताया कि महंगी चीनी के कारण उन्होंने चाय पीना तक कम कर दिया है, जबकि कुछ लोग चाय पूरी तरह छोड़ने की बात कह रहे हैं.
त्योहारों से पहले मिठाई और घर में बनने वाले पकवानों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन महंगी चीनी के कारण इसका असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है. खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को रोजमर्रा के खर्च में कटौती करनी पड़ रही है.
सरसों तेल, रिफाइंड और दाल के दाम भी बढ़े
सिर्फ चीनी और गुड़ ही नहीं, बल्कि सरसों का तेल, रिफाइंड तेल और दालों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की बात सामने आ रही है. जरूरी खाद्य सामान महंगा होने से हर वर्ग के परिवार प्रभावित हो रहे हैं.
महंगाई का असर सिर्फ कम आय वाले परिवारों तक सीमित नहीं है. मध्यम वर्ग के साथ अपेक्षाकृत बेहतर आय वाले परिवारों को भी घरेलू बजट में बदलाव करना पड़ रहा है. किराना बाजार में एक साथ कई जरूरी सामान के महंगे होने से महीने का खर्च बढ़ गया है.
400 टन स्टॉक सीमा से कारोबारियों की बढ़ी परेशानी
चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने कारोबारियों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा तय की है. इसका उद्देश्य व्यापारियों को जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने से रोकना है. हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि स्टॉक सीमा के कारण उन्हें कारोबार में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सरकार की कोशिश बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों पर नियंत्रण रखने की है. इसी दिशा में केंद्र सरकार ने देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन चीनी आयात करने का फैसला लिया है.
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