बिहार यूनिट : काली सूची में डाले गये दो दर्जन ठेकेदार

राज्य सरकार के कार्य विभागों ने अब निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों को जिम्मेदारी देने से पहले उनके जांच-परख को लेकर सख्ती बढ़ा दी है.

इडी की कार्रवाई के बाद काम देने को लेकर ठेकेदारों पर बढ़ी सख्ती संवाददाता, पटना राज्य सरकार के कार्य विभागों ने अब निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों को जिम्मेदारी देने से पहले उनके जांच-परख को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. सरकारी महकमों में चर्चा है कि भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता पर इडी की हाल की कार्रवाई के बाद यह एहतियात बरता जा रहा है. इसके तहत ठेकेदारों के कामकाज के पहले के रिकॉर्ड को भी देखा जा रहा है. जिन ठेकेदारों पर गड़बड़ी या अन्य शिकायतों का मामला रहा है, उनकी पहचान की जा रही है और उनको आगे सरकारी कार्यों से अलग रखने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं का ठेका लेकर काम में लापरवाही करने या फिर ठेका प्राप्त करने में गड़बड़ी करने वाली कंपनियों को अब सीधे काली सूची में डाला जायेगा. फिलहाल करीब दो दर्जन निजी कंपनियों और ठेकेदारों को काली सूची में डाला गया है. सूत्रों के अनुसार भवन निर्माण विभाग के साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार स्वास्थ्य सेवाएं आधारभूत संरचना निगम के साथ ही बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम जैसे अनेक सरकारी विभागों और निगमों में एहतियात बरते जा रहे हैं. बीते दिनों भवन निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख तारिणी दास समेत सात अधिकारियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा था. शुरुआती तौर पर ठेके में भी गड़बड़ी की बात सामने आयी थी. इसके बाद अब ऐसे सभी विभाग निजी कंपनियों और ठेकेदारों को काम देने के मामले में काफी सावधानी बरत रहे हैं.

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By RAKESH RANJAN

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