संवाददाता, पटना थाना की दलाली करने वालों पर रोक लगाने को लेकर शनिवार को डीजीपी विनय कुमार ने सख्त आदेश जारी किया है. इसके अनुसार दलाली करने वालों को जेल जाना पड़ सकता है. वहीं ऐसे व्यक्तियों से सांठगांठ रखने वाले थानाध्यक्षों के खिलाफ भी प्रशासनिक और विभागीय दोनों कार्रवाई हो सकती है. आदेश में डीजीपी ने लिखा है कि किसी-किसी थाना में एक ही व्यक्ति के बार-बार थाना परिसर में आने-जाने की सूचना कई स्रोतों से प्राप्त हुई है. ऐसे व्यक्तियों का थाना में आने-जाने का कोई स्पष्ट उद्देश्य अक्सर पता नहीं होता है. ऐसे व्यक्ति कथित रूप से थाने के दलाल बताये जाते हैं. ऐसे व्यक्तियों के थाने में आने-जाने से आम लोगों में पुलिस की छवि धूमिल होती है. साथ ही पुलिस प्रशासन की प्रभावकारिता पर नकारात्मक असर पड़ता है. आदेश में लिखा गया है कि प्रत्येक थाना में आगंतुक कक्ष है. आगंतुक पंजी को मेंंटेंन करें. थाना आने-जाने वाले व्यक्ति का नाम-पता, थाना में भ्रमण का उद्देश्य और मोबाइल नंबर स्पष्ट व अनिवार्य रूप से आगंतुक पंजी में अंकित करने का निर्देश दिया है. डीजीपी ने कहा है कि थाना परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. वरीय पुलिस पदाधिकारी भ्रमण या निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी फुटेज देखकर और उससे आगंतुक रजिस्टर में अंकित प्रविष्टियों का मिलान करेंगे. इससे यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी आगंतुक की प्रविष्टि को छुपाया तो नहीं गया है. इसकी जिम्मेदारी भी थाना से एक सहायक अवर निरीक्षक या अवर निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी को दी गयी है. इसके लिए नोडल पदाधिकारी के रूप में उन्हें नामित किया जायेगा. इस संबंध में नोडल पदाधिकारी साप्ताहिक रिपोर्ट बनाकर थानाध्यक्ष को देंगे. रजिस्टर में बार-बार थाना आने वाले व्यक्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने की जिम्मेदारी अंचल पुलिस निरीक्षक या अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी या पुलिस अधीक्षक या वरीय पुलिस अधीक्षक को दी गयी है. ये सभी संबंधित व्यक्ति के बारे में विस्तृत जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
